अभिषेक बनर्जी फिर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, विदेश में आंखों के इलाज की अनुमति को दी चुनौती

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए फिर सुप्रीम कोर्ट का दरख्वास्त दायर किया है, जिसमें उन्हें विदेश जाकर आँखों का इलाज कराने की अनुमति देने से इंकार किया गया था।

बनर्जी, जो पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से सांसद हैं, ने हाईकोर्ट के 5 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी है जिसने उनके विदेश यात्रा के अनुरोध को खारिज कर दिया था।

हाईकोर्ट ने आवेदन आगे नहीं चलाया क्योंकि बनर्जी की ओर से बताया गया कि वे कोलकाता के सरकारी SSKM अस्पताल की मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच कराने को तैयार नहीं हैं।

अदालत का मानना था कि मेडिकल बोर्ड का आकलन उनकी स्थिति पर स्वतंत्र राय देता और यह तय करने में मदद करता कि क्या विदेश में इलाज चिकित्सकीय रूप से आवश्यक है। चूंकि बनर्जी ने मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने से इंकार किया, इसलिए हाईकोर्ट ने उनके अनुरोध को लंबित रखने की आवश्यकता नहीं बताई।

यह दूसरा मौका है जब तृणमूल नेता ने यात्रा प्रतिबंध को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। 3 अगस्त को शीर्ष अदालत ने कोलकत्ता हाईकोर्ट को उनसे जुड़े विदेश में आँखों के इलाज के आवेदन पर एक सप्ताह में विचार करने का निर्देश दिया था।

यह विवाद 27 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के सामने एक जनसभा में कथित तौर पर बनर्जी द्वारा विपक्षी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दिए गए बयानों से जुड़े एक मामले से उत्पन्न हुआ है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले बनर्जी को 6 अक्टूबर तक या आगे के आदेश तक इस मामले में कोअर्जिव कार्रवाई से रक्षा दी थी, साथ ही जांच में सहयोग करने और बिना कोर्ट की अनुमति के विदेश यात्रा न करने के निर्देश भी दिए थे।

बनर्जी ने इन शर्तों में संशोधन की मांग की थी ताकि वे प्रस्तावित इलाज के लिए विदेश जा सकें। हाईकोर्ट ने मालूम किया था कि जांच लंबित रहते विदेशी यात्रा की अनुमति देने का झुकाव नहीं है और कोलकाता के प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेषीकृत नेत्र उपचार उपलब्ध हैं।

तृणमूल सांसद ने इस मामले में दर्ज एफआईआर को अलग से खारिज करने की भी मांग की है।

अब सुप्रीम कोर्ट में दायर नई याचिका यह तय कर सकती है कि क्या जांच के दौरान लगे प्रतिबंधों के बावजूद बनर्जी को प्रस्तावित विदेश यात्रा की अनुमति मिल सकती है।

By Rajeev Sharma

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