महिलाओं के स्वास्थ्य को नई मजबूती, आयुष सेवाओं के विस्तार से बढ़ी पहुंच

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य का विषय होने के कारण, तमिलनाडु में महिलाओं के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करने की प्राथमिक जिम्मेदारी, विशेष रूप से ग्रामीण और तटीय जिलों में राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत एक ही जगह आयुष इकाइयों के नेटवर्क के माध्यम से, संबंधित राज्य सरकार की है। हालांकि, आयुष मंत्रालय निम्नलिखित विभिन्न माध्यमों से राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों के कार्यान्वयन की प्रगति की नियमित और सख्ती से निगरानी कर रहा है:

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से नियमित अंतराल पर गतिविधि-वार व्यावहारिक और वित्तीय प्रगति का ब्योरा एकत्र करना।
उन विभिन्न गतिविधियों के कार्यान्वयन की वास्तविक प्रगति का विश्लेषण करने के लिए आयुष मंत्रालय की केंद्रीय टीम द्वारा समय-समय पर फील्ड विजिट करना, जिनके लिए राज्य सरकार ने खर्च की रिपोर्ट दी है और उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए हैं।
कार्यान्वयन की स्थिति का आकलन करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए माननीय मंत्री/सचिव की अध्यक्षता में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ क्षेत्रीय समीक्षा बैठकें आयोजित करना।
व्यावहारिक और वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वन-टू-वन बैठकें आयोजित करना।
नीति आयोग द्वारा थर्ड पार्टी के माध्यम से एनएएम योजना के कार्यान्वयन/प्रगति का मध्य-अवधि मूल्यांकन कराना, जो राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जाकर फील्ड विजिट करती है।
इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु सरकार ने सूचित किया है कि वे राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत राज्य में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के कार्यान्वयन और प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं। आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के कार्य-प्रदर्शन की समीक्षा ज़िला स्तर पर ज़िला सिद्ध चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रति माह तथा राज्य स्तर पर समय-समय पर की जाती है। एनएएम के तहत, महिलाओं के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवाएं राज्य भर में—ग्रामीण और तटीय ज़िलों सहित—सह-स्थित आयुष इकाइयों, आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स [जिन्हें अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) के रूप में जाना जाता है] और सरकारी आयुष संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। वर्तमान में, एनएएम योजना के तहत ग्रामीण ज़िलों में 94 सह-स्थित आयुष इकाइयाँ (अनुलग्नक-I), ग्रामीण तटीय ज़िलों में 40 (अनुलग्नक-II) और शहरी तटीय ज़िलों में 16 इकाइयाँ (अनुलग्नक-III) कार्यरत हैं। विगत वर्ष के दौरान, तमिलनाडु में एनएएम योजना के तहत विभिन्न आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से कुल 1,11,02,499 लाभार्थियों ने आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं विभिन्न आयुष उपायों के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। सिद्ध चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत, ‘मगापेरु संजीवनी योजना’ गर्भवती महिलाओं को औषधि किट प्रदान करती है, जिसके तहत पिछले वर्ष 1,27,084 गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हुईं।

तमिलनाडु राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, ‘मगापेरु संजीवनी योजना’ के तहत पिछले तीन वर्षों में कुल 3,47,112 महिला लाभार्थियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया प्रबंधन, किशोर स्वास्थ्य, मेनोपॉज देखभाल और वेलनेस से जुड़ी आयुष सेवाओं का लाभ उठाया है। इन महिला लाभार्थियों का ज़िलेवार विवरण (अनुलग्नक-IV) के रूप में संलग्न है।

तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत पूरे तमिलनाडु में 650 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स [जिन्हें अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) के रूप में जाना जाता है] क्रियान्वित किए जा चुके हैं। टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) सहित डिजिटल स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के साथ आयुष सेवाओं के एकीकरण को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष संस्थानों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के माध्यम से नियमित रूप से सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम, स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, योग सत्र, वेलनेस गतिविधियां और निवारक स्वास्थ्य देखभाल पहल आयोजित की जा रही हैं।

तमिलनाडु सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार कम सुविधा वाले जिलों सहित पूरे राज्य में आयुष उपायों के माध्यम से महिलाओं के लिए निवारक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दे रही है। सरकारी आयुष संस्थानों और आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के माध्यम से प्रसव-पूर्व एवं प्रसव-उत्तर देखभाल, जीवनशैली में बदलाव, तनाव प्रबंधन, पोषण संबंधी परामर्श, मानसिक कल्याण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के लिए नियमित योग और प्राकृतिक चिकित्सा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष के दौरान, 1,31,160 महिलाओं ने प्रसव-पूर्व और प्रसव-उत्तर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यक्रमों का लाभ उठाया। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए जागरूकता अभियान, योग शिविर, वैलनेस कार्यक्रम और समुदाय-आधारित निवारक स्वास्थ्य देखभाल गतिविधियों का क्रियान्वयन निरंतर किया जा रहा है।

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यह जानकारी आज लोकसभा में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।

By Rajeev Sharma

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