नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारत के इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। केंद्र ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि देश के E20 ईंधन कार्यक्रम के लिए अमेरिका से इथेनॉल आयात किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने दोहराया कि पेट्रोल में मिश्रण के लिए इस्तेमाल होने वाला इथेनॉल पूरी तरह घरेलू उत्पादकों से लिया जाता है।
विवाद उस समय बढ़ा जब केजरीवाल ने सरकार की इथेनॉल नीति पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि अमेरिका से आयातित इथेनॉल का इस्तेमाल मिश्रण के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन को E20 कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
इन आरोपों को खारिज करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि भारत के ईंधन मिश्रण कार्यक्रम के लिए अमेरिका से इथेनॉल का कोई आयात नहीं हुआ है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की इथेनॉल खरीद नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह अब भी पूरी तरह घरेलू उत्पादन पर निर्भर है।
सरकार के अनुसार, जारी भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के दौरान इथेनॉल आयात से संबंधित कोई प्रतिबद्धता या रियायत नहीं दी गई है। सरकार ने यह भी कहा कि ईंधन इथेनॉल के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति देने के लिए नीति में बदलाव संबंधी खबरें गलत हैं और सरकार के रुख को प्रतिबिंबित नहीं करतीं।
BJP ने केजरीवाल पर साधा निशाना
BJP ने इस स्पष्टीकरण के आधार पर केजरीवाल पर हमला बोला। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि सरकार के बयान ने E20 कार्यक्रम से संबंधित उन दावों को गलत साबित कर दिया है, जिन्हें उन्होंने झूठा बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में मालवीय ने कहा कि केंद्र के स्पष्टीकरण से केजरीवाल के आरोप खारिज हो गए हैं। उन्होंने सरकार के बयान के तीन प्रमुख बिंदु गिनाए:
भारत पेट्रोल में मिश्रण के लिए अमेरिका से इथेनॉल आयात नहीं कर रहा है।
व्यापार वार्ता में ऐसे आयात की अनुमति देने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है।
मिश्रण कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल होने वाला इथेनॉल अब भी केवल भारतीय उत्पादकों से लिया जा रहा है।
मालवीय ने AAP प्रमुख पर इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा, “तथ्य महत्वपूर्ण हैं, प्रचार नहीं।”
नीति में बदलाव नहीं: मंत्रालय
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम देश की घरेलू नीति के ढांचे के अनुरूप है। मंत्रालय ने दोहराया कि इथेनॉल की खरीद व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है और भारत के मिश्रण लक्ष्यों को घरेलू उत्पादकों का समर्थन जारी है।
BJP और AAP के बीच जारी राजनीतिक टकराव में यह विवाद एक नया अध्याय जोड़ता है। सरकार का कहना है कि नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन इस मुद्दे ने भारत की ऊर्जा और व्यापार रणनीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
