पंजाब सरकार मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की स्मृति में एक विशेष मानवाधिकार पुरस्कार शुरू करने की तैयारी में है। इस संबंध में प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में लाया गया है। प्रस्ताव का उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना तथा खालड़ा के कार्यों को संस्थागत पहचान देना है।
प्रस्ताव के अनुसार, यह पुरस्कार हर वर्ष उन लोगों को दिया जा सकता है जिन्होंने मानवाधिकारों के संरक्षण, न्याय और सामाजिक अधिकारों के लिए उल्लेखनीय कार्य किया हो। सरकार का मानना है कि इससे मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज में इस दिशा में काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा।
जसवंत सिंह खालड़ा पंजाब के चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता थे, जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में कथित अवैध हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों से जुड़े मामलों को उजागर किया था। उनके कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक पहचान मिली।
यदि प्रस्ताव को विधानसभा की मंजूरी मिलती है, तो पंजाब सरकार पुरस्कार की पात्रता, चयन प्रक्रिया और सम्मान राशि से जुड़े नियम अलग से अधिसूचित करेगी। फिलहाल यह प्रस्ताव विधानसभा की प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।
