चंडीगढ़(नवल किशोर):प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत अभियान’ का शुभारंभ किया। यह 100 सप्ताह का अभियान युवाओं को सतत जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से नशे के विरुद्ध संगठित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ से इस राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे नशामुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत अभियान’ केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अभियान नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि काशी से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों तथा अनेक गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से राष्ट्रीय जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने नशामुक्ति की शपथ लेने वाले युवाओं का अभिनंदन करते हुए घोषणा की कि आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार विशेष जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने समाज से नशे की लत से उबर रहे लोगों को सहयोग एवं दूसरा अवसर देने का आह्वान किया। उन्होंने परिवारों से समय पर आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित करने तथा शिक्षण संस्थानों से नशामुक्ति के प्रति जागरूकता को और सुदृढ़ बनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवाओं का सामूहिक संकल्प और सरकार के सतत प्रयास भारत को नशामुक्त एवं विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने इस पहल को जन-जागरूकता से आगे बढ़कर विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने हेतु स्वस्थ, जिम्मेदार एवं सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण का राष्ट्रीय अभियान बताया। उन्होंने कहा कि भारत का युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी है। उन्होंने युवाओं से नशे के विरुद्ध इस लड़ाई का नेतृत्व करने तथा दूसरों को भी स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
श्री कटारिया ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और कहा कि जो युवा स्वयं नशे से दूर रहता है तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करता है, वह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि नशा परिवारों को तोड़ता है, समाज को कमजोर करता है और देश की युवा शक्ति को क्षीण करता है। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून लागू करने से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसमें परिवारों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संगठनों, नागरिक समाज तथा स्वयं युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

अभियान के प्रति उत्साहजनक जनसमर्थन का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि पंजाब के 47 विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इस अभियान के शुभारंभ में भाग लिया, जबकि चंडीगढ़ के लगभग 60 स्थानों से करीब 12,000 विद्यार्थियों एवं युवा स्वयंसेवकों ने इसमें सहभागिता की। देशभर में हजारों स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवाओं ने अभियान से जुड़कर इसे देश के सबसे बड़े युवा-नेतृत्व वाले नशामुक्ति अभियानों में शामिल किया है।
पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान का उल्लेख करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई तेज करने के साथ-साथ नशामुक्ति, पुनर्वास एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों को भी सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा सामुदायिक सहभागिता भी समान रूप से आवश्यक हैं।
राज्यपाल ने बताया कि यह अभियान लगातार 100 सप्ताह तक चलेगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक रविवार को खेल प्रतियोगिताएं, योग एवं ध्यान सत्र, जन-जागरूकता अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक तथा सामुदायिक सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।
उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं तथा धार्मिक संगठनों से अभियान में सक्रिय सहयोग देने तथा युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और खेलों के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की अपील की। श्री कटारिया ने विश्वास व्यक्त किया कि देश के करोड़ों युवाओं का सामूहिक संकल्प स्वस्थ, नशामुक्त समाज के निर्माण तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़, आईएएस; यू.टी. चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईपीएस; शिक्षा सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी, आईएएस; श्री ललित जैन, आईएएस; खेल निदेशक श्री सौरभ कुमार अरोड़ा; स्टेट डायरेक्टर, माई भारत पंजाब सुश्री रश्मीत कौर; जिला युवा अधिकारी, माई भारत चंडीगढ़ श्री विनय कुमार, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, एनएसएस स्वयंसेवक, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक तथा नागरिक समाज के सदस्य उपस्थित थे।
