नई दिल्ली(राजीव शर्मा): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर कृषि, ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), सूखा प्रबंधन तथा कृषि में प्रौद्योगिकी के उपयोग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत लगभग 11.56 लाख पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों तथा कम वर्षा के कारण उत्पन्न कृषि संबंधी चुनौतियों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार से विशेषज्ञ दल भेजने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), भू-स्थानिक (Geospatial) तकनीक तथा डिजिटल नवाचारों का व्यापक उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘कृषि मित्र’ मॉडल के माध्यम से किसानों को खेत स्तर पर समयबद्ध सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही 70 लाख से अधिक किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है, जिसके आधार पर उर्वरकों की उपलब्धता, ऑनलाइन बुकिंग एवं वितरण को पारदर्शी बनाया गया है तथा यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कम वर्षा के बावजूद राज्य में फसल कवरेज पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तथा प्रत्येक जिले के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर कम पानी में होने वाली फसलों एवं उपयुक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों का हित केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा कृषि क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के वैज्ञानिक आकलन, समयबद्ध सहायता तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्य सरकार और कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से राज्य के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार करने पर बल दिया।श्री चौहान ने कृषि में आधुनिक प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल नवाचारों के उपयोग की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने तथा किसानों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने तेलंगाना द्वारा अपनाई गई तकनीक आधारित कृषि प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर उसकी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अन्य राज्यों में भी अपनाने की संभावनाओं पर विचार करने की बात कही।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल क्षति से सुरक्षा प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से अधिकाधिक किसानों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है तथा राज्यों के सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार किया जाएगा।
ग्रामीण विकास के संबंध में श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तथा विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, आजीविका सुदृढ़ीकरण तथा गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विषयों एवं प्रस्तावों पर नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को तेलंगाना का दौरा करने का निमंत्रण दिया, ताकि वे जमीनी स्तर पर कृषि, ग्रामीण विकास एवं किसानों से जुड़े कार्यक्रमों का अवलोकन कर सकें। केंद्रीय मंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, टिकाऊ कृषि विकास तथा ग्रामीण समृद्धि के लिए तेलंगाना सरकार के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में दोनों नेताओं ने कृषि में तकनीकी नवाचार, जलवायु अनुकूल खेती, किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा केंद्र–राज्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
