पहाड़ों में मानसून कहर: रक्षम–चित्कुल मार्ग बंद, यात्रियों को गैरज़रूरी यात्रा न करने की सलाह

शिमला(राजीव शर्मा):हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में एक पहाड़ी नाले में अचानक तेज प्रवाह के कारण रात देर से रक्षम–चिट्कुल मार्ग पर मलबा और कीचड़ भर जाने से चिट्कुल की सड़क संपर्क विखंडित हो गया। इसी घटना से मस्तरांग के पास स्थित एक इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस (ITBP) कैम्प को हल्का नुकसान पहुंचने पर सुरक्षा कारणों से कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, मस्तरांग के पास बहने वाला मौसमी नाला उफान पर आ गया और बड़े पैमाने पर कीचड़, पत्थर व मलबा सड़क पर बहा आया। यह मलबा मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर गया, जिससे यह लोकप्रिय सीमा गांव अस्थायी रूप से जिले के बाकी हिस्सों से कट गया।

किंग्नौर के जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के अधिकारियों ने कहा कि किसी के हताहत होने या गंभीर संपत्ति क्षति की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। नाले के जलस्तर में तेज वृद्धि देख कर ITBP के कर्मियों ने सावधानी के तौर पर अपना कैंप खाली कर लिया।

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनरी और टीमें भेज दी हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि हटाने के कार्य पूरा होने और मार्ग को वाहनों के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद सड़क फिर से खोल दी जाएगी।

प्रशासन क्षेत्र के ऊंचे हिस्सों में बीच-बीच में हो रही वर्षा की स्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। यात्रियों से कहा गया है कि जब तक सामान्य संपर्क बहाल नहीं हो जाता, गैरज़रूरी पहाड़ी यात्राओं से परहेज़ करें।

अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और यात्रियों व सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रक्षम–चिट्कुल सड़क जल्द से जल्द पुनः खोलने के प्रयास जारी हैं।

By Rajeev Sharma

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