पंजाब में मजबूत होगा सार्वजनिक वितरण तंत्र, 2,800 नए राशन डिपो का होगा संचालन

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण कदम में पंजाब सरकार राज्य भर में 2,800 नए राशन डिपो खोलने जा रही है, जिससे लगभग 5.5 लाख राशन कार्ड धारकों के लिए राशन वितरण अधिक सुलभ होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मोहेल‍ी के विकास भवन में एक कार्यक्रम के दौरान नव-चुने गए डिपो ऑपरेटरों को लाइसेंस वितरित करेंगे। यह पहल राज्य की संशोधित राशन डिपो आवंटन नीति के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थी अपने घरों के नज़दीक से आवश्यक खाद्य सामग्रियाँ प्राप्त कर सकें।

विस्तार से उम्मीद है कि लोग वर्तमान में मासिक राशन प्राप्त करने के लिए जो दूरी तय करते हैं वह कम होगी, विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में जहाँ फेयर प्राइस शॉप्स तक पहुंच एक चुनौती रही है।

नई आवंटन नीति सामाजिक समावेशन पर भी जोर देती है और विभिन्न वर्गों के लिए महत्वपूर्ण संख्या में डिपो लाइसेंस आरक्षित किए गए हैं। कुल आवंटनों में से 633 डिपो अनुसूचित जातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 199 लाइसेंस पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। इसके अलावा, 181 डिपो पूर्व सैनिकों के लिए, 39 स्वतंत्रता सेनानियों के लिए, 156 विकलांग व्यक्तियों के लिए और 17 दंगों से प्रभावित परिवारों के लिए आरक्षित किए गए हैं।

अधिकारियों का मानना है कि यह नीति न केवल सार्वजनिक वितरण नेटवर्क की दक्षता बढ़ाएगी बल्कि विभिन्न सामाजिक समूहों के लिए आजीविका के अवसर भी पैदा करेगी।

वर्तमान में राज्य सरकार पात्र लाभार्थियों को हर महीने मुफ्त गेहूँ प्रदान करती है और स्मार्ट राशन कार्ड योजना के तहत “मेरी रसोई” राशन किट हर तीन महीने में वितरित की जाती है। लगभग 40 लाख परिवार ये लाभ राज्य में लगभग 14,000 परिचालित राशन डिपो के माध्यम से प्राप्त करते हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरकार की दीर्घकालिक दृष्टि हर गाँव और शहरी स्थानीयता में एक राशन डिपो स्थापित करने की है, ताकि किसी भी लाभार्थी को आवश्यक अनाज और अन्य आपूर्ति प्राप्त करने के लिए दूर न जाना पड़े।

2,800 नए डिपो जोड़ने को द्वार तक पहुंच बेहतर करने, कल्याण वितरण को सुदृढ़ करने और राज्य की खाद्य वितरण प्रणाली को और अधिक कुशल तथा समावेशी बनाने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।

By Gurpreet Singh

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