मुंबई(राजीव शर्मा): कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण राहत पैकेज में महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के बकाया बिजली बिलों में से लगभग ₹48,000 करोड़ माफ करने का निर्णय लिया है। इस कदम से एक बड़ा अड़चन दूर होने की उम्मीद है, जिसने कई किसानों को नए कृषि विद्युत कनेक्शन लेने से रोक रखा था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह घोषणा उस सार्वजनिक कार्यक्रम में की जहाँ उन्हें राज्य की नई किसान कर्ज माफी पहल के शुभारंभ के बाद सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि भले ही 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों की बिजली चार्ज पहले ही माफ कर दी गई है, फिर भी हजारों किसान नए कनेक्शन नहीं ले पा रहे थे क्योंकि उनके खातों से पिछले वर्षों के बकाए जुड़े हुए थे।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रस्तावित माफी इन पुराने दायित्वों को साफ़ कर देगी, जिससे पात्र किसान बिना पुराने बकाया बोझ के नए बिजली कनेक्शन ले सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने फडणवीस का अभिनंदन किया और पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान कर्ज माफी योजना के तहत उन्हें बधाई दी गई। इस योजना के तहत लगभग ₹2 लाख तक के कृषक ऋण माफ किए जाएंगे। यह योजना लगभग 56 लाख किसानों को लाभान्वित करने की उम्मीद है और इसका अनुमानित वित्तीय भार ₹36,585 करोड़ है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पिछली किसान कर्जमाफी योजना के तहत लागू की गई शर्तों में ढील दी गई है। तकनीकी कारणों से पहले अनर्ह जिन किसानों को लाभ नहीं मिल रहा था, वे अब नई योजना के तहत लाभ उठा सकेंगे। साथ ही 2026–27 वित्तीय वर्ष के दौरान नियमित ऋण अदायगी की आवश्यकता हटा दी गई है, जिससे और अधिक किसान सहायता के लिए पात्र होंगे।
फडणवीस ने कहा कि सरकार केवल तात्कालिक वित्तीय राहत पर ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक कृषि विकास पर भी ध्यान दे रही है। सिंचाई परियोजनाओं, जल संरक्षण, कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और बेहतर मार्केट कनेक्टिविटी में निवेश किया जा रहा है ताकि आने वाले वर्षों में किसानों की आय में सुधार हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य प्रमाणित बीजों, आधुनिक खेती तकनीकों, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों और ऐसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जो किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ते हैं। कृषि विश्वविद्यालयों, सहकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के साथ साझेदारी गाँव स्तर पर उन्नत खेती तकनीकों के परिचय में मदद करेगी।
कृषि क्षेत्र में निवेश के पैमाने को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकारें इस वर्ष विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से मिलकर लगभग ₹95,000 करोड़ का निवेश करने की उम्मीद कर रही हैं।
फडणवीस ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान भी किया, जिसमें जीवामृत का जैविक उर्वरक के रूप में उपयोग शामिल है, साथ ही ऑटोमेटेड ड्रिप इरिगेशन, इजरायली फर्टिगेशन सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी ताकि उत्पादकता बढ़े, खेती की लागत घटे और मिट्टी की सेहत बेहतर हो।
जल प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दीर्घकालिक परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें नदी-लिंकिंग पहल भी शामिल हैं, ताकि महाराष्ट्र में बार-बार आने वाली सूखे की स्थिति से निपटा जा सके। सतारा-सांगली क्षेत्र के अतिरिक्त बाढ़ के पानी को मराठवाड़ा के सूखे प्रभावित क्षेत्रों में मोड़ने की योजनाएँ भी बन रही हैं।
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरने ने कहा कि किसान कर्ज माफी कार्यक्रम के लिए वित्तीय आवंटन बढ़ाकर ₹40,585 करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार डॉ. पुंजाबराव देशमुख क्रॉप लोन स्कीम, मुख्यमंत्री बलिराजा फ्री पावर स्कीम, पीएम-किसान और नमो शेतकरी योजना सहित कई कल्याणकारी पहलों के माध्यम से किसानों का समर्थन जारी रखेगी, जिनका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और किसानों की आजीविका में सुधार करना है।
