मानसून की वापसी से हिमाचल में भारी बारिश के आसार; IMD ने 18 जुलाई से जताई चेतावनी

Himachal

शिमला (राजीव शर्मा): लगभग एक सप्ताह तक मुख्य रूप से सूखे मौसम का आनंद लेने के बाद, हिमाचल प्रदेश मानसून के एक और सक्रिय चरण के लिए तैयार हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई से व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस नए दौर में तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ (flash floods), भूस्खलन और बरसाती नालों के उफान पर आने की आशंका बढ़ गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गुरुवार दोपहर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) राज्य को प्रभावित कर सकता है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे मजबूत होगी। हालांकि तब तक मौसम ज्यादातर साफ रहने की संभावना है, लेकिन कई जिलों में बौछारें शुरू होने से पहले बादल छाने की उम्मीद है।

सबसे अधिक बारिश वाले दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’

IMD ने हिमाचल के कुछ हिस्सों में 20 और 21 जुलाई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें चुनिंदा क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही 18 और 19 जुलाई के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया गया है, जो अधिक तीव्र चरण शुरू होने से पहले कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को दर्शाता है।

प्रशासन ने निवासियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से भूस्खलन के लिए जाने जाने वाले क्षेत्रों में और नदियों, नालों व खड्डों के पास, जो भारी बारिश के दौरान तेजी से उफान पर आ सकते हैं।

बारिश की वापसी से पहले गर्मी और उमस का दबदबा

मानसून की गतिविधियों पर लगे अस्थायी ब्रेक के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में वृद्धि हुई है। दिन के समय मौसम काफी गर्म हो गया है, जबकि वायुमंडल में बढ़ी हुई नमी ने कम ऊंचाई वाले (निचले) जिलों में परेशानी बढ़ा दी है।

मौसम के आंकड़ों से पता चलता है कि एक दर्जन से अधिक कस्बों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जिसमें ऊना में सबसे अधिक तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप और उमस के इस संयोजन ने मैदानी और तलहटी (foothill) वाले क्षेत्रों में दोपहर के समय को विशेष रूप से असुविधाजनक बना दिया है।

मानसून के फिर से रफ़्तार पकड़ने की उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी मौसम प्रणाली (weather system) कई दिनों की धीमी बारिश के बाद मानसून की तीव्रता को वापस ला सकती है। इन नई बौछारों से राज्य भर में नमी की स्थिति में सुधार होने और हाल के सूखे दौर के दौरान बढ़े तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तैयार रहने के लिए कहा गया है, जबकि स्थानीय प्रशासन बाढ़ और ढलान धंसने (slope failures) के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। यात्रियों से भी आग्रह किया गया है कि वे लोकप्रिय पहाड़ी गंतव्यों की ओर जाने से पहले मौसम के अपडेट की जांच अवश्य कर लें।

मानसून के फिर से जोर पकड़ने के साथ, अगले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश में गर्म और उमस भरे मौसम से लगातार होने वाली बारिश की ओर एक तेज़ बदलाव देखने को मिलने की उम्मीद है, जो इस बरसात के मौसम के एक और सक्रिय चरण की शुरुआत होगी।

By Rajeev Sharma

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