पंचकुला(बलविंदर सिंह): भारतीय सेना के एक तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल ने आरोप लगाया है कि पारिवारिक विवाद की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में कुछ वक़ीलों ने उन पर हमला किया और उन्हें गलत तरीके से बंद रखा। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है, लेकिन इस रिपोर्ट के समय किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
घटना कथित तौर पर 9 जुलाई को पंचकुला के फैमिली कोर्ट में हुई। शिकायतकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल आशिष चंदोक (40) फिलहाल चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन में तैनात हैं और पिछले साल से उनकी पत्नी द्वारा दायर तीन मामलों की सुनवाई में भाग ले रहे थे।
FIR के अनुसार, आर्मी अधिकारी का आरोप है कि सुनवाई के बाद वकील मनीन्दर सिंह बिट्टा समेत कई अन्य वकीलों ने उनके साथ ग़ैरज़िम्मेदाराना व्यवहार किया और फिर अतिरिक्त वकीलों को बुलाकर कथित तौर पर कोर्टरूम के बाहर उन पर हमला किया गया।
अधकारी ने आगे दावा किया कि उन्हें जबरदस्ती एक अन्य वकील के चैंबर में ले जाया गया, जहां पुनः उनके साथ धक्का‑मुक्की हुई और कथित तौर पर उन्हें एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने इनकार किया तो उन्हें और हिंसा की धमकी दी गई।
शिकायत में लेफ्टिनेंट कर्नल चंदोक ने कहा कि उन्हें दस्तावेज पढ़ने का अवसर दिए बिना इस पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और केवल हस्ताक्षर करने के बाद ही उन्हें जाने दिया गया।
शिकायत के बाद सेक्टर‑7 पुलिस थाना में जान‑बूझकर चोट पहुँचाने, गंभीर चोट पहुँचाने, गलत तरीके से बंद करने, अवैध सभा, दंगा और आपराधिक धमकी सहित अपराधों के तहत FIR दर्ज की गई।
कहा जाता है कि मेडिकल जांच में अधिकारी के शरीर पर दो चोटों के निशान मिले। सेक्टर‑6 जिले के जनरल अस्पताल में किए गए एक्स‑रे में कोक्सीक्स (टेलबोन) में संभावित फ्रैक्चर दिखा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजबीर यादव ने कहा कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांचकर्ता कोर्ट परिसर से एकत्र CCTV फुटेज की पड़ताल कर रहे हैं।
डीसीपी (क्राइम) अमरिंदर सिंह ने कहा कि फुटेज से प्रतीत होता है कि घटना हुई ही है और जांच के बाद समुचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच FIR में नामजद वकील मनीन्दर सिंह बिट्टा ने आरोपों से इनकार करते हुए आर्मी अधिकारी के खिलाफ अलग शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने दावा किया कि लेफ्टिनेंट कर्नल चंदोक ने पहले कोर्टरूम के अंदर उन्हें कोहनी मारी, फिर कोर्ट परिसर के बाहर गाली‑गलौज और धमकी दी। बिट्टा ने कहा कि वे अधिकारी की पत्नी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और उन पर लगे आरोप गलत हैं।
पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और आगे की कार्रवाई से पहले बयानों, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
