पंजाब के गुरदासपुर जिले के फतेहगढ़ चूड़ियां नगर काउंसिल में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन ने जीत दर्ज की। इस चुनाव परिणाम को स्थानीय निकाय की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों दलों के साझा समर्थन से नगर काउंसिल के शीर्ष पदों पर कब्जा हुआ। यह घटनाक्रम हाल ही में संपन्न हुए पंजाब नगर निकाय चुनावों के बाद सामने आया है।
नगर काउंसिल कार्यालय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। चुनाव के दौरान सभी निर्वाचित पार्षद मौजूद रहे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान कराया गया। मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस-अकाली गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों को बहुमत मिलने पर उन्हें क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया।
चुनाव परिणाम घोषित होते ही विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया और नारेबाजी की। विजयी पक्ष के नेताओं ने इसे स्थानीय जनता के विश्वास और पार्षदों के समर्थन की जीत बताते हुए नगर के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि नगर काउंसिल क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। शहर में सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं के समाधान के लिए सभी पार्षदों को साथ लेकर काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर शहर के समग्र विकास के लिए प्रयास किए जाएंगे।
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित प्रतिनिधि ने नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि परिषद पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी वार्डों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फतेहगढ़ चूड़ियां नगर काउंसिल में कांग्रेस और अकाली दल का यह समीकरण आने वाले समय में स्थानीय राजनीति पर असर डाल सकता है। हालांकि, अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई परिषद विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर कितनी तेजी से काम करती है।
