चंडीगढ़ में झमाझम बारिश; मानसून के कमजोर होने से पहले पंजाब भर में और अधिक बौछारों का आईएमडी ने जताया अनुमान

चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): चंडीगढ़ और उससे सटे मोहाली में गुरुवार देर रात से हो रही लगातार बारिश ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है, हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के दौरान पंजाब के कई जिलों में मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है।

रात भर हुई इस बारिश के कारण चंडीगढ़ के सेक्टर 39 सहित कुछ हिस्सों में पेड़ उखड़ गए, जिसके बाद नगर निगम की टीमों ने सड़कों को साफ किया और सामान्य यातायात बहाल किया। मोहाली में भी सुबह से हल्की बारिश का दौर जारी रहा, जिससे तापमान इस सप्ताह की शुरुआत की तुलना में काफी नीचे बना हुआ है।

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर, लुधियाना और होशियारपुर सहित सात जिलों के लिए मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि कुछ छिटपुट इलाकों में तेज बारिश से संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव हो सकता है।

तापमान और बारिश के आंकड़े

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद, कुल मिलाकर यह मौसमी औसत से नीचे बना हुआ है। फरीदकोट में पंजाब का सबसे अधिक दिन का तापमान 42.4°C दर्ज किया गया, जबकि चंडीगढ़ में भारी बारिश के बाद पारे में भारी गिरावट देखी गई।

मौसम अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान इस क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश चंडीगढ़ में दर्ज की गई, जबकि पड़ोसी मोहाली में भी अच्छी बौछारें पड़ीं। पटियाला और श्री आनंदपुर साहिब सहित कुछ अन्य स्थानों पर हल्की बारिश की सूचना है, जबकि दक्षिण-पश्चिम पंजाब का अधिकांश हिस्सा काफी हद तक सूखा रहा।

मानसून के कमजोर होने का अनुमान

मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण: मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान बारिश का पैटर्न मानसून ट्रफ (monsoon trough) के धीरे-धीरे हिमालय की तलहटी (hills) की ओर बढ़ने से प्रभावित हो रहा है। इस बदलाव के कारण मैदानी इलाकों में नमी की उपलब्धता कम होने की उम्मीद है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां अधिक छिटपुट (scattered) हो जाएंगी।

आईएमडी को उम्मीद है कि 12 जुलाई तक पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें जारी रहेंगी। हालांकि, 13 जुलाई के बाद इस क्षेत्र में मानसून के कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश में कमी आने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि धीरे-धीरे शुष्क मौसम (drier conditions) की वापसी होगी, जिससे राज्य भर में दिन के तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा सकती है।

हालांकि हालिया बारिश ने कई उत्तरी जिलों में उमस भरे हालातों से राहत दी है, लेकिन प्रशासन ने निवासियों को मौसम संबंधी चेतावनियों से अपडेट रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां भारी बौछारें अस्थायी रूप से यातायात और नागरिक सेवाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

By Gurpreet Singh

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