शिमला (राजीव शर्मा): कई दिनों की व्यापक बौछारों और मौसम से जुड़े व्यवधानों के बाद, हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान बारिश में अस्थायी कमी आने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आगमन के साथ 6 जुलाई से अगला सक्रिय दौर शुरू होने से पहले मानसून की तीव्रता कुछ समय के लिए कमजोर पड़ेगी।
मौसम विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम तुलनात्मक रूप से शांत रहने की उम्मीद है। कुछ जिलों में छिटपुट हल्की बौछारों को छोड़कर शनिवार और रविवार के लिए कोई बड़ा मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे अधिकारियों को हाल की बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बहाली (restoration) के कार्यों में तेजी लाने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, सोमवार से स्थिति बदलने की उम्मीद है। आईएमडी ने पूर्वानुमान जताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के मानसूनी प्रणाली के साथ जुड़ने के बाद राज्य भर में व्यापक बारिश का एक नया दौर शुरू होगा। कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए 6 और 7 जुलाई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू के लिए ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी है। 8 और 9 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि बारिश कम होने के कारण सप्ताहांत (वीकेंड) पर तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन अगले सप्ताह की शुरुआत में नया दौर शुरू होते ही पारे में फिर से गिरावट आने की संभावना है।
हालिया बारिश का असर और बहाली का काम
भले ही बारिश में अस्थायी रूप से कमी आई है, लेकिन इस पहाड़ी राज्य में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है। भूस्खलन (landslides) और मलबे के कारण कई सड़कें अभी भी बंद हैं, जबकि कई इलाकों में बिजली वितरण और पीने के पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। सामान्य सेवाओं को बहाल करने के लिए लोक निर्माण (PWD), बिजली और जल शक्ति विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
आईएमडी द्वारा जारी मौसम के आंकड़ों से पता चलता है कि हिमाचल प्रदेश में जुलाई के पहले कुछ दिनों के दौरान मौसमी औसत से काफी अधिक बारिश हुई है। राज्य में किन्नौर में सबसे अधिक अतिरिक्त (surplus) बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, चंबा और ऊना सहित अन्य जिलों में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। लाहौल और स्पीति एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ बारिश मौसमी औसत से कम रही है।
प्रशासन की सलाह: अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश में संभावित कमी के बावजूद वे सतर्कता कम न करें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतें, खराब मौसम के दौरान संवेदनशील ढलानों (slopes) से दूर रहें और आधिकारिक पूर्वानुमानों से अपडेट रहें, क्योंकि आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश के बड़े हिस्से को मानसून की एक और तीव्र गतिविधि प्रभावित कर सकती है।
