पंचकूला में मंगलवार रात फर्जी लाल-नीली बत्ती लगाकर घूम रहे दो युवकों को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा। डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कार को करीब 5 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद सेक्टर-15 के पास रुकवाया। पुलिस ने कार का 30 हजार रुपए का चालान किया और उसे इंपाउंड कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे डीसीपी अमरिंदर सिंह सेक्टर-14 मार्केट के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक कार पर पड़ी, जिस पर अस्थायी नंबर प्लेट के साथ अवैध लाल-नीली बत्ती लगी हुई थी। कार में दो युवक सवार थे। डीसीपी ने चालक को कार रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय कार की रफ्तार बढ़ा दी।
इसके बाद डीसीपी ने अपनी सरकारी गाड़ी से कार का पीछा शुरू कर दिया। कार चालक सेक्टर-14 के आसपास की रिहायशी कॉलोनियों की गलियों से होते हुए आगे निकलने की कोशिश करता रहा। करीब 5 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने सेक्टर-15 के पास घेराबंदी कर कार को रोक लिया।
कार रुकवाने के बाद डीसीपी ने सिटी ट्रैफिक थाना प्रभारी को मौके पर बुलाया। ट्रैफिक पुलिस ने कार की जांच की तो उसमें कई नियमों का उल्लंघन पाया गया। इनमें अवैध रेड- ब्लू बत्ती और अस्थायी नंबर प्लेट का इस्तेमाल भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने चालक का 30 हजार रुपए का चालान काटा और कार को इंपाउंड कर सेक्टर-14 थाने में खड़ा करवा दिया।
पंचकूला में अवैध बत्ती वाले वाहनों के खिलाफ पुलिस पहले भी कार्रवाई करती रही है। सितंबर के अंत में सेक्टर-12ए में पुलिस ने एक 15 वर्षीय छात्र को लाल-नीली बत्ती लगी कार चलाते पकड़ा था। उस मामले में अलग-अलग यातायात उल्लंघनों के लिए कुल 37,500 रुपए का चालान किया गया था और वाहन को इंपाउंड किया गया था।
हरियाणा पुलिस की पंचकूला ट्रैफिक नियमावली में वाहनों पर लाल या नीली बत्ती के अनधिकृत इस्तेमाल को यातायात उल्लंघन माना गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद साफ है कि पंचकूला में वाहनों पर फर्जी वीआईपी पहचान दिखाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इस मामले में कार को इंपाउंड करने के साथ भारी जुर्माना लगाया गया है।
