नई दिल्ली(राजीव शर्मा): यमन के तट के पास 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नौका से जुड़ी घटना की खबर सामने आने के बाद वहां भारतीय दूतावास ने तत्काल जानकारी मांगी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
यमन में भारतीय दूतावास ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि वह घटना की खबरों की जांच कर रहा है और उपलब्ध जानकारी की पुष्टि के लिए कदम उठा रहा है। दूतावास ने यह भी आश्वासन दिया कि वह संबंधित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, हूती समर्थित सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया कि लाल सागर में जुकर द्वीप के पास नौका को निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यमनी बल बचाव कार्य में जुटे हैं और आगे की जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
हालांकि, कई महत्वपूर्ण विवरणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। कथित हमले की परिस्थितियों, इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान, नौका पर सवार लोगों की स्थिति या नौका को हुए नुकसान के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। खबर लिखे जाने तक घटना का स्वतंत्र रूप से सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं था।
लाल सागर की सुरक्षा बड़ी चिंता बनी हुई है
यह कथित घटना यमन और लाल सागर के आसपास जारी अस्थिरता के बीच सामने आई है। लाल सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह जलमार्ग स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ता है और तेल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन सहित अंतरराष्ट्रीय नौवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्षेत्र में बार-बार सामने आ रहे सुरक्षा खतरों ने जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा को लेकर नौवहन कंपनियों और सरकारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस स्थिति ने इन समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले या यहां से यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के सामने मौजूद जोखिमों की ओर भी ध्यान खींचा है।
भारत लगातार वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की अपील करता रहा है। साथ ही, उसने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया है।
भारतीय जहाज से जुड़ी पिछली घटना
ताजा खबरों ने यमन के पास पहले हुई एक समुद्री घटना की ओर भी फिर से ध्यान खींचा है। अगस्त में भारतीय ध्वज वाला पोत एमएसवी फैज़े नूरे औलिया एक प्रक्षेप्य की चपेट में आने के बाद लाल सागर में डूब गया था। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, चालक दल के सभी 14 सदस्यों को बचा लिया गया था, जिनमें 13 भारतीय नागरिक शामिल थे।
नई दिल्ली ने बार-बार वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद करने की अपील की है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने का आह्वान किया है।
फिलहाल, तत्काल ध्यान ताजा घटना की परिस्थितियों की पुष्टि करने और नौका पर कथित तौर पर सवार 14 भारतीयों की स्थिति का पता लगाने पर है। भारतीय दूतावास ने कहा कि वह तथ्य स्थापित करने के प्रयास जारी रखेगा और अधिक जानकारी सामने आने पर सहायता प्रदान करेगा।
