नई दिल्ली (राजीव शर्मा): दिल्ली पुलिस ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 14 सदस्यों को निजी संपत्ति के रास्ते जंतर-मंतर के प्रतिबंधित विरोध क्षेत्र में कथित तौर पर दाखिल होने और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 13 अक्टूबर को हुई, जब सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे सहित इस समूह के लोग उस स्थान पर पहुंचे, जिसे अब आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्दिष्ट नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने समूह को अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि सदस्यों ने पुलिस का विरोध किया और अपनी ड्यूटी कर रहे अधिकारियों के कामकाज में दखलअंदाजी की।
पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं।
इसके बाद दास, रांका और शिंदे को कानून के संभावित उल्लंघन और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर एहतियाती कानूनी प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) के समक्ष पेश किया गया, जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
मजिस्ट्रेट ने दास और रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने आशंका जताई कि यदि उन्हें रिहा किया गया, तो वे कथित आचरण को दोहरा सकते हैं या दूसरों को ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी में कार्यवाही के बाद शिंदे की हिरासत की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी।
यह मामला समूह के प्रतिबंधित क्षेत्र में कथित प्रवेश और पुलिसकर्मियों के साथ उनके टकराव पर केंद्रित है। घटना से जुड़ी परिस्थितियों और आगामी कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में अधिक विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
