वृंदावन परिक्रमा मार्ग का होगा कायाकल्प, ₹100 करोड़ से मिलेगी श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधा

वृंदावन (गुरप्रीत सिंह / राजीव शर्मा):भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की तैयारी की जा रही है। बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए वृंदावन परिक्रमा मार्ग को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में करीब 100 करोड़ रुपये की विकास योजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य वृंदावन की आध्यात्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

वृंदावन में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाली भीड़ के कारण कई बार परिक्रमा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। नई योजना के बाद श्रद्धालुओं की पैदल यात्रा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

योजना के तहत परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए अलग पैदल मार्ग, ई-रिक्शा संचालन के लिए निर्धारित रास्ते और अन्य वाहनों के लिए अलग यातायात व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है। इससे पैदल परिक्रमा करने वाले भक्तों को अधिक सुविधा मिलेगी और ई-रिक्शा व अन्य वाहनों के कारण होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।

विकास योजना में यातायात प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। बेहतर संकेतक, मार्ग व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास से वृंदावन आने वाले लोगों का अनुभव और अधिक सुखद बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वृंदावन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और अब समय की मांग है कि शहर की सुविधाओं को भी उसी स्तर पर विकसित किया जाए।

एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “वृंदावन में आने वाले श्रद्धालु यहां आस्था और शांति के लिए आते हैं। अगर रास्ते व्यवस्थित होंगे और जाम कम होगा तो श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी और स्थानीय व्यापार को भी फायदा होगा।”

एक श्रद्धालु ने कहा, “कई बार बुजुर्गों और बच्चों के साथ परिक्रमा करते समय भीड़ और वाहनों के कारण परेशानी होती है। अलग रास्तों की व्यवस्था होने से सभी के लिए यात्रा आसान हो जाएगी।”

ई-रिक्शा चालकों ने भी प्रस्तावित व्यवस्था को सकारात्मक कदम बताया है। उनका मानना है कि तय रूट और बेहतर प्रबंधन से यात्रियों को सुरक्षित सेवा मिलेगी और संचालन में भी स्पष्टता आएगी।

ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। वृंदावन की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। ₹100 करोड़ की यह योजना आने वाले समय में वृंदावन के परिक्रमा मार्ग को अधिक व्यवस्थित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों और भक्तों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद वृंदावन में दर्शन और परिक्रमा का अनुभव पहले से अधिक सहज और आनंददायक होगा।

By Rajeev Sharma

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