Sanskrit Subhashita

प्रधानमंत्री ने साझा किया नि:स्वार्थ सेवा और समर्पण का संदेश देने वाला संस्कृत सुभाषित

प्रधानमंत्री ने साझा किया नि:स्वार्थ सेवा और समर्पण का संदेश देने वाला संस्कृत सुभाषित

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नदियों का अविरल प्रवाह हमें सिखाता है कि हम किस प्रकार अपनी क्षमताओं का उपयोग मानवता की भलाई के लिए कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नि:स्वार्थ सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- “जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः। इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥” इस सुभाषितम् का संदेश है कि हमें अपना जीवन दूसरों की सेवा और कल्याण के लिए समर्पित करना चाहिए। जिस प्रकार नदियां निरंतर और निस्वार्थ भाव से बहती हुई अपने जल…
Read More