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Aug
नई दिल्ली(राजीव शर्मा): प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि करुणा आत्म-सम्मान लाती है और संतोष सच्ची खुशी लाता है। यह भावना समाज में सहयोग और सद्भाव के बंधन को और मजबूत करती है। श्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- “कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः।उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥” यह सुभाषितम् बताता है कि आत्म-सम्मान दूसरों पर दया या करुणा दिखाने से प्राप्त होता है। जीवन में अपने भाग्य पर संतुष्ट रहने से लालच पर काबू पाया जाता है। व्यक्ति को परिश्रम और उद्यमिता से आलस्य, सशंयात्मक तर्क और अनिर्णय पर विजय प्राप्त करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने एक्स…
