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Aug
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):राज्यसभा का 271वां सत्र समाप्त होने के अवसर पर, मैं इसकी कार्यवाही पर गहन चिंता व्यक्त करता हूं। यह खेदजनक है कि सत्र में लगातार अव्यवस्था और व्यवधान बने रहे, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। बहुमूल्य कार्य समय की हानि के कारण सदन राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक चर्चा और बहस से भी वंचित रहा। इन व्यवधानों के बावजूद, सदन ने 12 विधेयकों पर विचार करके और उन्हें पारित या वापस भेजकर अपने मुख्य विधायी कर्तव्यों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। यदि हम सबने मिलकर सहभागिता की होती, अपने बहुमूल्य सुझाव दिए होते और सार्थक विचार-विमर्श…
