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Jul
नई दिल्ली(राजीव शर्मा): यथासंशोधित उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ), 1985 के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार उर्वरक निरीक्षकों द्वारा एकत्र किए गए तीन नमूनों में से, एक नमूना डीलर या आयातक या निर्माता या पूल हैंडलिंग एजेंसी या विपणनकर्ता को दिया जाता है, जैसा भी मामला हो, और दूसरा नमूना प्रयोगशाला प्रभारी को भेजा जाता है और तीसरा नमूना राज्य सरकार द्वारा नियुक्त नामित प्राधिकारी की अभिरक्षा में रखा जाता है। यदि नमूना अमानक पाया जाता है, तो रिपोर्ट प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर, डीलर, या निर्माता, या आयातक, या पूल हैंडलिंग एजेंसी या विपणनकर्ता, जो भी मामला हो, को…
