उर्वरक गुणवत्ता परीक्षण में अनियमितताएं, किसानों के हित में उठाए जाएंगे कदम

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): यथासंशोधित उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ), 1985 के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार उर्वरक निरीक्षकों द्वारा एकत्र किए गए तीन नमूनों में से, एक नमूना डीलर या आयातक या निर्माता या पूल हैंडलिंग एजेंसी या विपणनकर्ता को दिया जाता है, जैसा भी मामला हो, और दूसरा नमूना प्रयोगशाला प्रभारी को भेजा जाता है और तीसरा नमूना राज्य सरकार द्वारा नियुक्त नामित प्राधिकारी की अभिरक्षा में रखा जाता है।

यदि नमूना अमानक पाया जाता है, तो रिपोर्ट प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर, डीलर, या निर्माता, या आयातक, या पूल हैंडलिंग एजेंसी या विपणनकर्ता, जो भी मामला हो, को राज्य सरकार द्वारा नियुक्त नामित प्राधिकारी को निर्धारित शुल्क और उर्वरक निरीक्षक द्वारा प्रदान किए गए नमूने के साथ पुनः परीक्षण के लिए आवेदन करना होगा। राज्य सरकार का नामित प्राधिकारी तत्काल उपलब्ध दो नमूनों में से—एक, संबंधित विक्रेता/निर्माता/पूल हैंडलिंग एजेंसी/आयातक/विपणनकर्ता द्वारा प्रस्तुत नमूना तथा दूसरा, उसके अभिरक्षण में सुरक्षित नमूना को राष्ट्रीय परीक्षण शाला (एनटीएच), गाजियाबाद कोडिंग केन्द्र को भेजेगा, ताकि उसका द्वितीय विश्लेषण राष्ट्रीय परीक्षण शाला के कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, जयपुर अथवा गाजियाबाद स्थित किसी भी केन्द्र में कराया जा सके।

राष्ट्रीय परीक्षण शाला की रिपोर्ट को अंतिम माना जाएगा और यदि प्रथम और द्वितीय विश्लेषण रिपोर्ट में भिन्नता पाई जाती है, अर्थात् नमूना विभिन्न मापदंडों में गैर-मानक पाया जाता है, तो राज्य सरकार का नामित प्राधिकारी अपने पास मौजूद नमूने को स्वतः ही केंद्रीय उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीएफक्यूसीटीआई), फरीदाबाद में तृतीय विश्लेषण के लिए भेजेगा और संस्थान की विश्लेषण रिपोर्ट को अंतिम माना जाएगा।

यद्यपि, यदि डीलर, या निर्माता या पूल प्रबंधन एजेंसी, जैसा भी मामला हो, निर्धारित पंद्रह दिनों की अवधि के भीतर आवेदन नहीं करती है, तो प्रथम विश्लेषण की रिपोर्ट अंतिम मानी जाएगी। यदि नमूना रिपोर्टें, अर्थात् प्रथम विश्लेषण रिपोर्ट और द्वितीय विश्लेषण रिपोर्ट, किसी सामान्य मापदंड में गैर-मानक घोषित की जाती हैं, तो ऐसी स्थिति में कोई तृतीय विश्लेषण नहीं किया जाएगा और द्वितीय विश्लेषण की रिपोर्ट को ही अंतिम माना जाएगा।

एनटीएच द्वारा किए गए दूसरे विश्लेषण और सीएफक्यूसीएंडटीआई द्वारा किए गए तीसरे विश्लेषण के लिए प्राप्त नमूनों और परीक्षण परिणामों का विवरण निम्नानुसार है-

एनटीएच द्वारा किए गए दूसरे विश्लेषण का विवरण

सीएफक्यूसीएंडटीआई द्वारा किए गए तीसरे विश्लेषण का विवरण

वर्ष

प्राप्त नमूनों की संख्या

मानक पाए गए नमूनों की संख्या

अमानक पाए गए नमूनों की संख्या

प्राप्त नमूनों की संख्या

मानक पाए गए नमूनों की संख्या

अमानक पाए गए नमूनों की संख्या

2025-26

3906

2128

1778

1078

215

863

2026-27 (जून 2026 तक)

578

321

257

223

51

172

एफसीओ, 1985 के खंड 30 के तहत विश्लेषण और परिणामों की सूचना देने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। इस खंड के अनुसार, द्वितीय परीक्षण के लिए, राज्य सरकार का नामित अधिकारी संबंधित निर्माता, डीलर, आयातक, पूल हैंडलिंग एजेंसी या विपणनकर्ता द्वारा रेफरी विश्लेषण के लिए आवेदन करने की तिथि से तीन कार्यदिवसों के भीतर नमूना विश्लेषण के लिए एनटीएच को भेजेगा। एनटीएच प्रयोगशाला में नमूना प्राप्त होने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर नमूने का विश्लेषण करेगा और परिणाम भी सूचित करेगा। यदि नमूने विभिन्न मापदंडों में विफल रहते हैं, तो राज्य सरकार का नामित अधिकारी तीन कार्यदिवसों के भीतर नमूना तीसरे विश्लेषण के लिए केंद्रीय उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रशिक्षण संस्थान, फरीदाबाद को भेजेगा। प्रयोगशाला में नमूना प्राप्त होने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर नमूने का विश्लेषण किया जाएगा और रिपोर्ट तैयार होने की तिथि से तीन कार्यदिवसों के भीतर संबंधित राज्य सरकार के नामित प्राधिकारी को परिणाम सूचित किया जाएगा। राज्य सरकार का नामित अधिकारी रिपोर्ट प्राप्त होने की तिथि से तीन कार्यदिवसों के भीतर संबंधित पक्ष को परिणाम सूचित करेगा।

यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

By Rajeev Sharma

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