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Sep
नई दिल्ली(राजीव शर्मा): राष्ट्रपति ने कहा कि मनुष्य के भीतर परिवर्तन की संभावना रहती है। यदि किसी व्यक्ति के भीतर यह विश्वास जागे कि विचारों और कर्मों को बदलने से उसका जीवन बदल सकता है और यदि उसके जीवन में आशा और आत्मसम्मान वापस आए तो वह केवल उस व्यक्ति में नहीं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज शुभारंभ होने के बाद ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस एक ऐसा स्थान बनेगा, जहां समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक-दूसरे के साथ शांति और सद्भाव से जुड़ सकेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार वल्लभभाई…
