19
Sep
नई दिल्ली(राजीव शर्मा): यह बेहद कम ऊंचाई पर लड़ी गई 10 मिनट की हवाई लड़ाई थी। लड़ाकू विमान आसमान में तेजी से दिशा बदल रहे थे और एक भारतीय पायलट पाकिस्तानी सेबर विमानों के सामने अपने हंटर विमान को उसकी पूरी क्षमता तक ले जा रहा था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टाइरोन कुक के लिए 7 सितंबर, 1965 को कलाईकुंडा के ऊपर हुई यह मुठभेड़ उनके सैन्य करियर की सबसे महत्वपूर्ण घटना बन गई। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी भूमिका के लिए वीर चक्र से सम्मानित कुक का 18 सितंबर को नई दिल्ली में 87 वर्ष की आयु में निधन…
