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Jul
नई दिल्ली(राजीव शर्मा): लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि विधानमंडल केवल कानून बनाने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि वे लोकतंत्र की ऐसी ‘पाठशालाएँ’ हैं जहाँ जनप्रतिनिधि संवाद, अनुशासन, सहमति और सेवा के मूल्यों का संस्कार प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति अपने दायित्वों का पूर्णतः बोध होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र केवल संवैधानिक प्रावधानों से नहीं, बल्कि जनविश्वास, संवाद, गरिमा और सेवा-भावना से सुदृढ़ होता है। श्री बिरला राजस्थान विधान सभा के 75वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित अमृत महोत्सव के अंतर्गत ‘विधान गौरव यात्रा : भूतपूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का…
