नई दिल्ली(राजीव शर्मा): सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी आठवें स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का पोटैशियम बेहतर हुआ है, लेकिन रक्त संबंधी असामान्यताएँ अभी भी बनी हुई हैं।
सक्रियकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति मंगलवार को स्थिर रही, लेकिन सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि लंबी भूख हड़ताल के कारण उन्हें अब भी चिकित्सकीय जोखिम बना हुआ है, और लगातार रक्त संबंधी असामान्यताएँ तथा कम ब्लड शुगर स्तर की वजह से करीबी निगरानी जरूरी है।
VMMC और सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी आठवें स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक के महत्वपूर्ण पैरामीटर स्थिर हैं। सोमवार रात लिए गए सैंपल में उनका सीरम पोटैशियम स्तर 3.2 mEq/L था, जबकि उनका ब्लड शुगर भी नीचे की तरफ रहा।
डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें पैन्साइटोपेनिया बनी हुई है, जिसमें एनीमिया और कम ल्यूकोसाइट गणना शामिल हैं, इसलिए लगातार जांच और निरंतर चिकित्सा निगरानी आवश्यक है।
बुलेटिन में कहा गया कि वांगचुक को ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी (ओआरएस) और मौखिक पोटेशियम अनुपूरक दिए जा रहे हैं, लेकिन वे बार-बार चिकित्सकीय सलाह के बावजूद नसों में तरल पदार्थ और glucose लेने से इनकार कर रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, हल्की से मध्यम निर्जलीकरण, लंबे समय तक fasting औ रप्रयोगशाला असामान्यताएं की वजह से किसी भी जटिलता की पहचान और प्रबंधन के लिए करीबी निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है और आगे का उपचार उनकी नैदानिक प्रगति और अनुवर्ती जांच पर निर्भर करेगा।
