नई दिल्ली (राजीव शर्मा): दूरसंचार विभाग की प्रमुख नागरिक केंद्रित पहल ‘संचार साथी’ ने हाल ही में गुम और चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। ‘संचार साथी’ ने अपनी शुरुआत के बाद पहली बार पूरे देश में एक ही महीने में 75,000 से अधिक मोबाइल हैंडसेट बरामद करने में सहायता की है। यह उपलब्धि इस पहल के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है, प्रौद्योगिकी-आधारित गवर्नेंस के माध्यम से नागरिक सशक्तिकरण को प्रदर्शित करती है तथा दूरसंचार विभाग, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों के बीच मजबूत समन्वय को प्रतिबिंबित करती है।
दूरसंचार विभाग ने सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से बरामदगी बढ़ाने पर केन्द्रित तंत्र में निरंतर सुधार के लिए हितधारकों से प्राप्त फीडबैक को शामिल किया। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए प्रमुख सुधार निम्नलिखित हैं:
- नागरिकों को एसएमएस, ईमेल और पोर्टल व ऐप के माध्यम से ट्रेसिबिलिटी रिपोर्ट में पुलिस स्टेशन का नाम उपलब्ध कराया जाता है।
- गुम/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट में डाले गए सिम कार्ड का विवरण, बरामदगी की संभावना बढ़ाने के लिए वैकल्पिक मोबाइल नंबर सहित पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाता हैं।
- संदिग्ध मैलवेयर से बचाव के लिए बरामद मोबाइल हैंडसेट को फ़ैक्टरी रीसेट करने की सलाह एसएमएस के माध्यम से नागरिकों को दी जाती है।
यह उपलब्धि एक मजबूत आधार और प्रणाली में लगातार किए जा रहे सुधारों का परिणाम है। दूरसंचार विभाग की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (डीआईयू) तथा इसकी क्षेत्रीय इकाईयां- लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एलएसए)- और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस कर्मी उपकरणों का प्रभावी ढंग से पता लगाने और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस करने के लिए निकट समन्वय में काम कर रहे हैं। दूरसंचार विभाग तथा राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 तक मासिक मोबाइल हैंडसेट बरामदगी में 201 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जैसा कि नीचे दर्शाया गया है:
