हरियाणा में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर सियासत तेज, अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस के दावे पर उठाए सवाल

भिवानी/चंडीगढ़: 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर हरियाणा और गुजरात के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांग की है कि हरियाणा को गेम्स का मेजबान या सह-मेजबान बनाया जाए। उनका तर्क है कि देश के अंतरराष्ट्रीय खेल पदकों में हरियाणा का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। 

हुड्डा ने हरियाणा के सांसदों के साथ संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए कहा कि राज्य को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने खेलों की मेजबानी गुजरात को दिए जाने की चर्चा के बीच सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में पदक हरियाणा के खिलाड़ी दिलाते हैं तो बड़े खेल आयोजनों का लाभ राज्य को क्यों नहीं मिलना चाहिए। 

इस मांग पर हरियाणा BJP अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। BJP की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि सिर्फ पदक जीतने के आधार पर किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिलना तय नहीं होता। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि हरियाणा के पास मजबूत खेल संस्कृति और खिलाड़ियों को तैयार करने का लंबा अनुभव है। 

इस पूरे विवाद के बीच हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी राज्य की दावेदारी मजबूत बताते हुए कहा है कि हरियाणा देश की आबादी का लगभग 2 प्रतिशत है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में राज्य के खिलाड़ियों का योगदान काफी बड़ा है। उन्होंने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी या सह-मेजबानी हरियाणा को देने की मांग दोहराई। 

कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का मुद्दा अब केवल खेलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हरियाणा बनाम गुजरात और BJP बनाम कांग्रेस की राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। 2030 के आयोजन को लेकर अंतिम फैसला होने से पहले दोनों राज्यों की दावेदारी और राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *