नई दिल्ली(राजीव शर्मा) : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कई वरिष्ठ नेताओं को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते समय रोक दिया। वे केंद्र की E20 पेट्रोल नीति के विरोध में जुटाई गई 2.30 लाख से अधिक याचिकाएं सौंपने जा रहे थे।
करीब 100 समर्थकों के साथ निकले इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद देशभर से जुटाए गए हस्ताक्षर और एथेनॉल-मिश्रित ईंधन की समीक्षा की मांग पहुंचाना था। लेकिन पुलिस ने 5, फिरोज शाह रोड के पास मार्च रोक दिया, जिसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, जैस्मिन शाह और अन्य AAP नेताओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।
मार्च से पहले समर्थकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि ये याचिकाएं उन वाहन मालिकों की चिंता दिखाती हैं, जिनका मानना है कि E20 पेट्रोल उनके वाहनों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से जनता की राय गंभीरता से लेने और अपने रुख पर पुनर्विचार करने की अपील की।
केजरीवाल ने कहा, “हम देशभर के नागरिकों से 2.30 लाख से ज्यादा याचिकाएं लेकर जा रहे हैं। सरकार को करोड़ों वाहन मालिकों की चिंता सुननी चाहिए।”
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदर्शनकारियों को फिरोज शाह रोड से आगे नहीं जाने दिया गया। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी।
यह प्रदर्शन AAP के हालिया “एथेनॉल टाउन हॉल” अभियान के बाद हुआ है, जिसके तहत पार्टी ने E20 ईंधन के खिलाफ देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया था।
केजरीवाल पहले भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग कर चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि फ्यूल स्टेशनों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से विकल्प दिया जाए। उनका कहना है कि वाहन चालकों को एथेनॉल-मिश्रित ईंधन लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर E20 को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो इसे सामान्य पेट्रोल से कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, उत्सर्जन घटाने और देश में जैव-ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, यह मुद्दा अब एक नए राजनीतिक टकराव का कारण बन गया है।
