यमुनानगर(बलविंदर सिंह): हरियाणा के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने के लिये मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी ने यमुनानगर जिले के मानकपुर गांव में एक मेटल और जनरल पार्क के विकास की घोषणा की है। यह परियोजना जगाधरी के विख्यात धातु उद्योग को आधुनिक बनाने और उद्यमियों व छोटे निर्माताओं के लिये बेहतर अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखती है।
यह घोषणा मुख्यमंत्री के यमुनानगर में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ शनिवार को हुई बातचीत के दौरान की गई। उन्होंने कहा कि यह पहल क्षेत्र के धातु उद्योग को पुनर्जीवित करने के सरकार के संकल्प को पूरा करती है, जिससे औद्योगिक अवसंरचना में सुधार और लक्षित सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पार्क की रूपरेखा को सूक्ष्म और लघु-मध्यम उद्यमों की जरूरतों के अनुरूप पुनः डिज़ाइन किया गया है। अब 250, 312 और 450 वर्ग मीटर के आकार के 900 से अधिक औद्योगिक प्लॉट उपलब्ध होंगे, जो पहले प्रस्तावित केवल 204 बड़े प्लॉट की जगह लेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग धातु क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये प्रोत्साहन और सब्सिडी के एक समर्पित पैकेज की भी तैयारी कर रहा है।
बाद में, जगाधरी में प्लाईवुड उद्योग के सदस्यों को संबोधित करते हुए CM सैनी ने जिले के भारत के प्रमुख प्लाईवुड विनिर्माण हबों में से एक होने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य का औद्योगिक उत्पादन 2023-24 वित्तीय वर्ष में ₹11.08 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो हरियाणा की बढ़ती औद्योगिक मजबूती को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने तंज़ानिया में हुए 49वें दार एस सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा के प्लाईवुड निर्माताओं की भागीदारी की सराहना की और कहा कि इसने इस क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक मौजूदगी और निर्यात क्षमता को प्रदर्शित किया।
औद्योगिक विस्तार को सूखा और सस्ता बनाने के लिये सैनी ने कहा कि सरकार ने लीज़ पर ज़मीन नीति लागू की है, जिससे व्यवसाय दीर्घकालिक लीज पर औद्योगिक प्लॉट प्राप्त कर सकेंगे और भविष्य में इन्हें फ्रीहोल्ड संपत्तियों में बदलने का विकल्प भी होगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि एक नई MSME नीति कैबिनेट की मंज़ूरी का इंतजार कर रही है। प्रस्तावित नीति में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने, निर्यात को बढ़ाने और राज्य भर में उद्योग-अनुकूल व्यावसायिक माहौल बनाने के लिये कई उपाय शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हरियाणा के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें इंजीनियरिंग, धातु उत्पादन और प्लाईवुड क्षेत्रों पर चर्चा शामिल थी। वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, लोक प्रतिनिधि और औद्योगिक निकायों के सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
