मुंबई में मानसूनी त्रासदी: मानखुर्द में आवासीय ढांचा ढहने से छह लोगों की मौत

मुंबई (राजीव शर्मा): मुंबई में रविवार को भारी मानसूनी बारिश जानलेवा साबित हुई, जब मानखुर्द इलाके में एक आवासीय चॉल ढह गई। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच बचाव कर्मियों ने देर रात तक तलाशी अभियान जारी रखा।

यह घटना जनता नगर में हुई, जहां लगातार हो रही बारिश के दौरान एक पुरानी बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई। दमकल कर्मी, पुलिस कर्मी, आपदा प्रतिक्रिया बल (डिस्टास्टर रिस्पांस टीम) और नगर निगम के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया।

अधिकारियों ने बताया कि अस्थिर मलबे और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा। मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए उत्खनन (excavators) और कटर सहित विशेष उपकरणों को लगाया गया था।

इलाके के निवासियों ने बताया कि इमारत काफी जर्जर हो चुकी थी, और सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ परिवार कथित तौर पर पहले ही इसे खाली कर चुके थे। हालांकि, जब यह हादसा हुआ, तब भी कई लोग परिसर में या उसके आस-पास मौजूद थे।

बच्चों समेत छह लोगों की मौत, जनजीवन प्रभावित

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों में बच्चे भी शामिल हैं, जिससे यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए और भी हृदयविदारक हो गई है। पीड़ितों की पहचान की पुष्टि की जा रही है, जबकि घायल व्यक्ति का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यह इमारत ऐसे समय में ढही जब मुंबई में इस सीजन की सबसे भारी बारिश हो रही थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था, जिसमें अत्यधिक भारी बारिश, जलभराव और इमारतों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी गई थी।

खराब मौसम के कारण मुंबई भर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जलभराव वाली सड़कों के कारण यातायात धीमा हो गया, तेज हवाओं से कई पेड़ उखड़ गए, और कम दृश्यता (poor visibility) के कारण शहर के हवाई अड्डे पर उड़ानों के संचालन में देरी हुई और कई उड़ानों के मार्ग बदले गए।

जांच के आदेश और प्रशासन की अपील

सुरक्षात्मक कदम: अधिकारियों ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लापरवाही या संरचनात्मक विफलता (structural failure) के कारण यह दुर्घटना हुई। नगर निगम प्रशासन ने चल रहे मानसून के दौरान ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए संवेदनशील इलाकों में अन्य पुरानी इमारतों की स्थिति की समीक्षा भी शुरू कर दी है।

प्रशासन ने पुरानी या असुरक्षित इमारतों में रहने वाले निवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाने (evacuation) के निर्देशों का पालन करें और संरचनात्मक नुकसान के किसी भी लक्षण की सूचना तुरंत दें, क्योंकि आने वाले दिनों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

By Rajeev Sharma

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