हिमाचल में मानसून हुआ तेज; IMD ने नौ जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया, जनता को सतर्क रहने की सलाह दी

Himachal

शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ़्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम कार्यालय ने नौ जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें निवासियों को भूस्खलन (landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) जैसी मौसम से जुड़ी संभावित घटनाओं के प्रति आगाह किया गया है।

यह अलर्ट मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना को कवर करता है, जहां अगले 24 घंटों के दौरान चुनिंदा स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर रात भर बौछारें भी पड़ी हैं, ਜੋ ਇਸ क्षेत्र में सक्रिय मानसून प्रणाली (monsoon system) को दर्शाती हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार होने वाली बारिश से ढलान धंसने (slope failures), चट्टानों के गिरने और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने की घटनाएं हो सकती हैं। एहतियात के तौर पर, लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक बेहद जरूरी न हो, संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से यात्रा करने से बचें, क्योंकि भारी बारिश से यातायात प्रभावित हो सकता है और रास्ते अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं।

पर्यटकों से नदियों और झरनों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने इस पहाड़ी राज्य का दौरा करने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नदियों, नालों तथा झरनों के पास रुकने से बचें, क्योंकि भारी बौछारों के दौरान वहाँ पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।

प्राधिकारियों ने कहा कि आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों (emergency response teams) को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय एजेंसियों का सहयोग करें।

मौसम विभाग ने नोट किया कि हालांकि बारिश की गतिविधियों में वृद्धि हुई है, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान अभी भी अपेक्षाकृत ऊंचा बना हुआ है। शुक्रवार को 38.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज होने के साथ ऊना हिमाचल प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा।

आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति बने रहने की संभावना के मद्देनजर, मौसम वैज्ञानिकों ने कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है। अधिकारियों का मानना है कि इस नए दौर से जल स्रोतों को फिर से भरने में मदद मिलेगी, लेकिन उन्होंने आगाह किया है कि लंबे समय तक होने वाली बारिश से मौसम संबंधी व्यवधानों की आशंका भी बढ़ सकती है।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक पूर्वानुमानों के माध्यम से अपडेट रहें और भारी बारिश के समय जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें, विशेष रूप से उन जिलों में जिन्हें मौसम के अलर्ट के तहत रखा गया है।

By Rajeev Sharma

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