ओटावा (राजीव शर्मा): प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि उनकी सरकार ने कनाडा के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर विचार किया है। उन्होंने इसे एक “अत्यधिक अप्रत्याशित जोखिम” (एक्स्ट्रीम टेल रिस्क) करार दिया, जिसका जिम्मेदार राष्ट्रीय सुरक्षा योजना के तहत आकलन करना जरूरी था।
एक साक्षात्कार में कार्नी ने कहा कि ऐसा परिदृश्य कोई संभावित परिणाम नहीं है, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि बेहद अवांछित या अप्रत्याशित जोखिमों पर भी विचार करना सरकारों की जिम्मेदारी होती है।
कार्नी ने इस मूल्यांकन को सामान्य जोखिम प्रबंधन का हिस्सा बताते हुए कहा, “मुझे लगता है कि ऐसे पदों पर रहते हुए इस प्रकार के अत्यधिक जोखिमों पर नजर रखना आपकी जिम्मेदारी है।”
उनकी यह टिप्पणी ओटावा और वाशिंगटन के बीच जारी तनाव के बीच आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कनाडा के “51वां राज्य” बनने की बात कहते रहे हैं, हालांकि उन्होंने पहले यह भी संकेत दिया था कि विलय के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
कार्नी ने किसी विशिष्ट तैयारी या मूल्यांकन का ब्योरा नहीं दिया। कनाडाई अधिकारियों ने व्यापक रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा योजना के तहत कनाडा के संभावित खतरों से जुड़े काल्पनिक परिदृश्यों की पहले भी जांच की है।
प्रधानमंत्री ने अमेरिका से इतर अन्य देशों के साथ भी कनाडा के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया है, जिसमें यूरोपीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना शामिल है।
यह टिप्पणी कनाडा-अमेरिका संबंधों के बदलते स्वरूप और राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक लचीलेपन व रणनीतिक स्वतंत्रता पर ओटावा के बढ़ते ध्यान को रेखांकित करती है।
