कैलगरी (राजीव शर्मा): कनाडा की हवाई अड्डा प्रणाली एक बड़े संभावित बदलाव के मुहाने पर खड़ी है, क्योंकि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार देश के चार सबसे बड़े हवाई अड्डों—कैलगरी इंटरनेशनल, टोरंटो पियर्सन, वैंकूवर इंटरनेशनल और मॉन्ट्रियल-ट्रूडो—में निजी निवेश आकर्षित करने और दीर्घकालिक निजी ऑपरेटरों को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इस प्रस्ताव का अर्थ यह नहीं है कि ओटावा इन चारों हवाई अड्डों को बेच रहा है। विचाराधीन मॉडल के तहत, संघीय सरकार हवाई अड्डे की मूल भूमि और संपत्तियों का स्वामित्व अपने पास ही रखेगी, जबकि निजी निवेशकों को इन सुविधाओं के संचालन और उनमें निवेश करने के लिए दीर्घकालिक रियायतें (कंसेशन) दी जा सकती हैं। ट्रांसपोर्ट कनाडा के पास संघीय नियामक, सुरक्षा और संरक्षा निगरानी की जिम्मेदारी पहले की तरह बनी रहेगी।
यह अंतर समझना आवश्यक है क्योंकि कनाडा में पहले से ही हवाई अड्डों के स्वामित्व और संचालन की एक मिश्रित प्रणाली मौजूद है। संघीय सरकार प्रमुख राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रणाली (नेशनल एयरपोर्ट्स सिस्टम) के हवाई अड्डों की जमीन की मालिक है, जबकि स्थानीय रूप से संचालित गैर-लाभकारी (नॉट-फॉर-प्रॉफिट) हवाई अड्डा प्राधिकरण वर्तमान में इनमें से कई सुविधाओं का संचालन और विकास करते हैं। प्रस्तावित मॉडल इन चार प्रमुख हवाई अड्डों के संचालन और वित्तीय प्रबंधन में निजी क्षेत्र की व्यापक भूमिका की शुरुआत करेगा।



प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि इस पहल से अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित हो सकता है और बुनियादी ढांचे की बड़ी परियोजनाओं के लिए पूंजी उपलब्ध हो सकती है। ओटावा ने यह संकेत भी दिया है कि इससे होने वाली आय का उपयोग क्षेत्रीय और दूरदराज के हवाई अड्डों की सहायता करने तथा देश के सबसे बड़े विमानन केंद्रों के बाहर के समुदायों में हवाई संपर्क (एयर कनेक्टिविटी) को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।
इस योजना ने इस बात पर व्यापक बहस छेड़ दी है कि निजी निवेश से अंततः किसे लाभ होगा और इन बदलावों का यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा। श्रमिक संगठनों और आलोचकों ने हवाई अड्डे के शुल्कों में संभावित वृद्धि और इस बात पर चिंता जताई है कि वाणिज्यिक निवेशक वित्तीय रिटर्न (मुनाफे) पर अधिक जोर दे सकते हैं। वहीं, निजी पूंजी के समर्थकों ने बुनियादी ढांचे के तेजी से विकास और विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित किया है।
इस पर जनता की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही है। 19 से 21 सितंबर के बीच 1,533 कनाडाई नागरिकों के बीच किए गए ‘लेगर’ (Leger) सर्वेक्षण में पाया गया कि 43 प्रतिशत लोगों ने चारों हवाई अड्डों के लिए निजी ऑपरेटरों का समर्थन किया, जबकि 31 प्रतिशत ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और 27 प्रतिशत अनिश्चित थे। इस ऑनलाइन सर्वेक्षण में पारंपरिक मार्जिन ऑफ एरर (त्रुटि की सीमा) लागू नहीं होती।
कैलगरी के लिए, यह प्रस्ताव वाईवाईसी (YYC) कैलगरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में रखता है। वाईवाईसी कनाडा का एक प्रमुख विमानन केंद्र है, जो अल्बर्टा की बढ़ती आबादी, व्यापारिक समुदाय, पर्यटन उद्योग और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को सेवाएं प्रदान करता है। इसके संचालन ढांचे में किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव भविष्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, हवाई अड्डा शुल्कों, यात्री सेवाओं और दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं पर पड़ सकता है।
कैलगरी एयरपोर्ट्स के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस डिंसडेल ने कहा है कि हवाई अड्डा संघीय परामर्श प्रक्रिया में भाग लेना जारी रखेगा। विचाराधीन प्रमुख मुद्दों में वहनीयता (अफोर्डेबिलिटी), शासन (गवर्नेंस), प्रतिस्पर्धात्मकता, बुनियादी ढांचा निवेश, हवाई अड्डे का विकास और यात्रियों का अनुभव शामिल हैं।
कनाडियन एयरपोर्ट्स काउंसिल ने भी इस प्रस्ताव को कनाडा के पारंपरिक हवाई अड्डा संचालन मॉडल में एक बड़े बदलाव के रूप में चिन्हित किया है। ऐतिहासिक रूप से कनाडा के प्रमुख हवाई अड्डे पारंपरिक निजी निगमों के बजाय स्थानीय स्तर पर प्रबंधित, गैर-शेयर-पूंजी हवाई अड्डा प्राधिकरणों द्वारा संचालित होते रहे हैं।
संघीय सरकार ने प्रस्तावित रियायतों (कंसेशन) के ढांचे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया है। निजी संचालन समझौतों की अवधि, वित्तीय व्यवस्था, प्रशासनिक अधिकार, निवेश की बाध्यताएं और यात्रियों व हवाई अड्डे के कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े नियम अभी तय होने बाकी हैं।
यात्रियों के लिए मुख्य मुद्दा अंततः यही होगा कि यह नया मॉडल हवाई यात्रा की लागत और गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करता है। वहीं ओटावा के सामने चुनौती संघीय स्वामित्व और नियामक निगरानी को बरकरार रखते हुए निजी निवेश व बुनियादी ढांचा वित्तपोषण के साथ जनहित के सरोकारों का संतुलन साधने की होगी।
इसलिए, हवाई अड्डों में प्रस्तावित बदलाव केवल कनाडा के हवाई अड्डों की बिक्री भर नहीं हैं। वे देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण विमानन प्रवेश द्वारों के संचालन और वित्तपोषण में एक बड़े संभावित बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें कैलगरी, टोरंटो, वैंकूवर और मॉन्ट्रियल अब ओटावा की निजी-निवेश रणनीति के केंद्र में आ गए हैं।
