मानसा (गुरप्रीत सिंह): नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य संदिग्ध अश्वनी को मंगलवार देर रात राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार सुबह इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। खबरों के अनुसार, आरोपी के पास से वह पिस्तौल भी बरामद हुई है जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर गोलीबारी में किया गया था।
जांचकर्ताओं ने इस मामले में अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से एक पर वारदात के बाद अश्वनी को भागने में मदद करने का संदेह है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने से पहले वे झोटा के परिवार के बयान का इंतजार कर रहे हैं।
मंगलवार को मानसा स्थित एक केमिस्ट की दुकान पर नशीली दवाओं को लेकर हुए विवाद के बाद झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) कार्यकर्ता के फेसबुक पेज पर हुआ था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग तेज हो गई।
इस हत्या के बाद पूरे मानसा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता भी शहर पहुंचे।
उपद्रव के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर केमिस्ट की दुकान में तोड़फोड़ करने और दमकल की एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पूरे जिले में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया।
कड़ी सुरक्षा के बावजूद, मानसा में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समन्वय, झोटा के लिए न्याय सुनिश्चित करने और प्रशासन के साथ बातचीत करने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किया है।
नशा-विरोधी कार्यकर्ता की हत्या को लेकर बढ़ते जन-आक्रोश के बीच यह गिरफ्तारी जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस द्वारा आगामी कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना है।
