अमेरिकी अभियोग से लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क वैश्विक सुर्खियों में, अंतरराष्ट्रीय अपराध संचालन का विस्तृत विवरण आया सामने

वॉशिंगटन (राजीव शर्मा): संयुक्त राज्य अमेरिका ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके कई करीबी सहयोगियों के खिलाफ नए संघीय आरोप (federal charges) सार्वजनिक करके अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अमेरिका का आरोप है कि यह आपराधिक नेटवर्क कई देशों में काम कर रहा था और हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली तथा अन्य गंभीर अपराधों से जुड़ा हुआ था।

कई एजेंसियों के संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball) के हिस्से के रूप में जारी किए गए इस अभियोग (चार्जशीट) में बिश्नोई पर भारतीय जेल में बंद होने के बावजूद एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट चलाने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी वकीलों का आरोप है कि उसके सहयोगियों ने उत्तरी अमेरिका और यूरोप में गतिविधियों का समन्वय किया, और उसके निर्देशों पर हिंसक अपराधों, नशीले पदार्थों की तस्करी और लक्षित हमलों (targeted attacks) को अंजाम दिया।

इन आरोपों में एक बड़ा दावा यह भी है कि बिश्नोई और उसका करीबी मददगार गोल्डी बराड़ कनाडा में 2023 में हुई खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने में शामिल थे। यह पहली बार है जब अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने अदालती दस्तावेजों में औपचारिक रूप से इन दोनों गैंगस्टरों को इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जोड़ा है।

बहुराष्ट्रीय अभियान और गिरफ्तारियां

इस अभियान में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल थीं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि भारत से संबंध रखने वाले संगठित अपराध समूहों को निशाना बनाने वाले तीन अलग-अलग आपराधिक मामलों के संबंध में कुल 37 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह सिंडिकेट बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, अपहरण और अवैध हथियारों के कारोबार के जरिए कमाई करता था। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि नेटवर्क के सदस्य उत्तरी अमेरिका में सक्रिय प्रतिद्वंद्वी आपराधिक समूहों से मादक पदार्थों की खेप चुराने में भी शामिल थे।

मुख्य आंकड़ेविवरण
कुल गिरफ्तारियां24 संदिग्ध (37 लोगों पर आरोप)
बरामद सामग्रीलगभग 1,000 किलोग्राम कोकीन, हेरोइन, नकदी और कई हथियार
शामिल देशअमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देश

अभियोजकों ने इस नेटवर्क को वर्तमान में जांच के दायरे में आने वाले सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध संचालनों में से एक बताया है।

हवॉलगी की प्रक्रिया और भारत सरकार पर रुख

प्रत्यर्पण की तैयारी: अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि वे लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया सहित प्रमुख आरोपियों के प्रत्यर्पण (extradition) की दिशा में कदम बढ़ाने का इरादा रखते हैं, हालांकि ऐसे किसी भी कदम के लिए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत कानूनी प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी।

विशेष रूप से, जहाँ इस अभियोग में आरोपियों के खिलाफ विस्तृत आरोप शामिल हैं, वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने निज्जर की हत्या में भारत सरकार की किसी भी भूमिका का आरोप नहीं लगाया है। ये आरोप पूरी तरह से संगठित अपराध सिंडिकेट और उसके सदस्यों की कथित आपराधिक गतिविधियों पर केंद्रित हैं।

अधिकारियों ने कहा कि इस नेटवर्क की जांच अभी भी जारी है और जैसे-जैसे अधिकारी कई देशों में इसके संचालन की जांच कर रहे हैं, आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

By Rajeev Sharma

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