केजरीवाल का बड़ा ऐलान: दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ पीएम आवास के लिए करूंगा कूच

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह 4 अगस्त (मंगलवार) को ई-20 के खिलाफ देश के लोगों से ऑनलाइन मिली पीटिशन को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकलूंगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मेरे साथ प्रधानमंत्री के घर वहीं लोग चलें, जिन्हें डंडे और जेल जाने से डर नहीं लगता है। साथ ही उम्मीद जताई कि नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, उन्हें भी वहां तक जाने दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने देश के लोगों से प्रधानमंत्री के नाम पिटीशन साइन करने को कहा था। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन साइन की है। मैंने उनके प्रिंट आउट ले लिए हैं और मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे सारी पिटीशन लेकर मैं खुद व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को देने उनके घर जाऊंगा। सब लोगों को आने की जरूरत नहीं है। मैं अपने साथ सिर्फ 100 ऐसे लोग लेकर जाऊंगा जिन्हें डंडे या जेल जाने से डर नहीं लगता। जो लोग जाना चाहते हैं, वे मुझे टैग करके लिख दें। हम 100 लोगों को साथ ले जाएंगे और प्रधानमंत्री के घर की तरफ कूच करेंगे, फिर देखते हैं उसके बाद क्या होता है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे उन पर एफआईआर करा देते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनकी नाक में इन्होंने दम कर रखा है। इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है और ई-20 में गड़बड़ है। अगर ई-20 सही होता तो वे आमने-सामने बैठकर बात करते। दो सबूत हम रखते और दो सबूत वे रखते। लेकिन जब वे धमकी देकर कुछ करा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। एलान करके प्रधानमंत्री आवास जाने और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, मुझे उम्मीद है कि हमें भी वहां तक तो जाने ही देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के सामने कमजोर पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री की कुछ तो मजबूरियां हैं, जिसकी वजह से उन्होंने पूरे देश को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है और देशवासी बहुत दुखी हैं। प्रधानमंत्री की जो भी मजबूरियां हों, हम उनसे निवेदन करते हैं कि अगर वे अपनी मजबूरियों को फेस नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दें। वे किसी और को प्रधानमंत्री बनने दें, जो कम से कम ट्रंप की आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर सके, लेकिन पूरे देश को दुखी न करें।

By Rajeev Sharma

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