नई दिल्ली(राजीव शर्मा):एक तरफ भगवंत मान सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए नशा फैलाने वाले मजीठिया जैसे ताकतवर नेता के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर रही है और दूसरी तरफ भाजपा मजीठिया की पार्टी के साथ गठबंधन कर फिर से नशा बढ़ाने की फिराक में है। भाजपा की इस नापाक कोशिश पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संजयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिसने पंजाब में 736 करोड़ रुपए का नशा बेचकर वो पैसे अपने बैंकों में जमा करवाए, अमित शाह उसके साथ गठबंधन करके पंजाब को फिर से नशे में डुबोने की तैयारी कर रहे हैं। क्या अब गुजरात के रास्ते नशा लाकर पंजाब में बेचा जाएगा? पंजाबी ये बिल्कुल नहीं होने देंगे।
उधर, आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को एक बार फिर उनकी हिम्मत और दिलेरी के लिए बधाई देता हूँ। आज पंजाब पुलिस ने मजीठिया के ख़िलाफ़ जो चार्जशीट पेश की है, उसमें लिखा है कि किस तरह मजीठिया ने नशा बेचकर 736 करोड़ रुपए कमाए और अपनी कंपनियों के बैंक खातों में जमा करवाए। इस चार्जशीट के बाद मजीठिया पूरी ज़िंदगी जेल में सड़ेगा। पूरा पंजाब जानता है कि पंजाब में चिट्टा अकाली दल और बीजेपी की दस साल की सरकार (2007-2017) के टाइम आया था।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि मजीठिया इतना ताकतवर था कि किसी की हिम्मत नहीं थी उसके ख़िलाफ़ बोलने की। उसी मजीठिया को भगवंत मान ने जेल भेजा और उसी मजीठिया के ख़िलाफ़ आज कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो गई। आज पंजाब में पाकिस्तान से आने वाला नशा भगवंत मान ने काफ़ी कम कर दिया। अधिकतर नशा अब गुजरात से आता है। इसलिए अब अमित शाह और मजीठिया मिल गए हैं। इनकी कोशिश है कि किसी भी कीमत पर नशे का ये नेटवर्क बचा लिया जाए३ भगवंत मान ने जो अपनी जान दाँव पर लगाकर नशे से युद्ध किया है, उसे रोकने के लिए अमित शाह और मजीठिया दोनों मिल गए हैं।
वहीं, “आप” के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कमाल कर दिया है। राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह पर है और सारी पार्टियां बयान देती हैं। भाजपा, देश के गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस सबने नशा खत्म करने का दावा किया था। लेकिन आज नशा खत्म करने के लिए जो आखिरी कील मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ठोकी है, वह पंजाब के इतिहास में दर्ज हो गई है।
अनुराग ढांडा ने बताया कि बिक्रम मजीठिया पंजाब के लिए कोई नया नाम नहीं है। पूरा पंजाब उसे जानता है। यह कोई दबी-छुपी बात नहीं, बल्कि खुलेआम चर्चा है कि पंजाब के अंदर मजीठिया नशे का पर्यायवाची है। 2007 से 2017 तक जब भाजपा और अकाली दल की सरकार होती थी और वह मंत्री होता था, तब कैसे गाड़ियों में नशा स्मगल किया जाता था, यह बात पब्लिक डोमेन में है। इंटरनेशनल ड्रग स्मगलर इसके यहां आकर रुकते थे, इसके फोटो पब्लिक डोमेन में घूमते रहते हैं और 6000 करोड़ रुपए की ड्रग मनी के जो आरोप लगे, वह सब भी पब्लिक डोमेन में है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि आज तक किसी की हिम्मत नहीं थी कि बिक्रम मजीठिया पर हाथ डाल दे। पंजाब में कांग्रेस की भी सरकार रही, मुख्यमंत्री ने गुटके की कसम भी खाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2007 से 2017 तक पंजाब में भाजपा की सरकार थी, केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही और अब मोदी और अमित शाह की सरकार है, लेकिन इतने सालों में केंद्र में भी किसी की हिम्मत नहीं हुई कि मजीठिया पर हाथ डाल दे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ही पहले इसे पकड़कर जेल में डाला और अब पंजाब पुलिस ने 40,000 पन्नों की चार्जशीट फाइल की है।
अनुराग ढांडा ने बताया कि इस चार्जशीट में पूरे 736 करोड़ रुपए की ड्रग मनी का ट्रेल है। ड्रग से कमाया हुआ पैसा इसने कैसे अपनी कंपनियों में लगाया, कैसे अपनी वर्थ बढ़ाई और कैसे पैसा कमाया, वह सारा कच्चा चिट्ठा चार्जशीट के अंदर मौजूद है। इतनी मजबूत चार्जशीट फाइल हुई है कि बिक्रम मजीठिया पूरी जिंदगी जेल में सड़ेगा।
अनुराग ढांडा ने कहा कि पहले की सरकारों में कभी केस दर्ज नहीं होते थे, केस हो भी जाए तो जांच नहीं होती थी और जांच हो जाए तो चार्जशीट फाइल नहीं होती थी। अब इसका पुख्ता इंतजाम मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर दिया है और नशे के खिलाफ असली लड़ाई यही होती है। जब तक बड़ी मछलियों को नहीं पकड़ोगे, तब तक यह कारोबार कैसे खत्म होगा? यह कार्रवाई दिखाती है कि नशा खत्म करने की मंशा और हिम्मत भगवंत मान के अंदर है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह अमित शाह की तरह नहीं है, जिन्होंने सबसे बड़े गैंगस्टर को गुजरात की जेल में अपना दामाद बनाकर बिठाया हुआ है और फिर कहते हैं कि हम गैंगस्टरवाद और नशा खत्म कर देंगे। आज भगवंत मान ने पंजाब के लिए जो काम कर दिया है, पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास में उससे बड़ा काम नहीं हो सकता।
