बैडमिंटन में भारत की नई स्टार: तन्वी शर्मा ने सबसे कम उम्र में जीता Taipei Open

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब की किशोर बैडमिंटन सनसनी तन्वी शर्मा ने बीडब्ल्यूएफ ताइपे ओपन सुपर 300 महिला एकल खिताब जीतकर रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा लिया और टूर्नामेंट की सबसे कम उम्र की चैंपियन बनें। होशियारपुर की 17 वर्षीय ने रविवार को फाइनल में वियतनाम की छठी सीड न्गुएन थुई लिन्ह को 21-16, 21-16 से हराकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता।

केवल 17 साल और 222 दिनों की उम्र में तन्वी ने ताइवान की बैडमिंटन आइकन ताई त्ज़ु-इंग के बनाए रिकॉर्ड को तोड़ा और टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे युवा चैंपियन बनीं।

उनकी जीत ने ताइपे ओपन में महिलाओं के सिंगल्स खिताब के लिए भारत की 18 साल की प्रतीक्षा को भी समाप्त कर दिया; आख़िरी भारतीय विजेता सायना नेहवाल 2008 में थीं।

तन्वी की यह शानदार उपलब्धि उनके तेज़ी से उभरते अंतरराष्ट्रीय करियर का और एक मील का पत्थर है। होशियारपुर की इस शटलर ने अपनी मां और कोच मीना शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया और पिछले सालों में जूनियर सर्किट में शीर्ष पर पहुंचकर विश्व जूनियर नंबर 1 बनीं, कई अंतरराष्ट्रीय जूनियर पदक जीते और सीनियर BWF रैंकिंग में टॉप 35 में जगह बनाई।

युवी चैंपियन की सफलता के पीछे उनकी मां मीना शर्मा की सालों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर समर्थन का बड़ा योगदान है, जिन्होंने स्थानीय कोर्ट की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनका सफर दृढ़ संकल्प, मेहनत और पारिवारिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी बन चुका है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तन्वी को ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी और इसे पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण कहा। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने युवा शटलर की तारीफ की और आशा जताई कि वह आगे वैश्विक मंच पर और सफलताएँ हासिल करेंगी।

पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना ने भी इस जीत को राज्य के बैडमिंटन के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि तन्वी की सफलता नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी तथा और अधिक माता-पिता को अपने बच्चों को पेशेवर रूप से खेल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

होशियारपुर के जिला खेल अधिकारी सुरजीत सिंह ने भी चैंपियन को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि जिले के लिए अत्यधिक गर्व की बात है और पंजाब में खेल कौशल के विकास का प्रमाण है।

By Gurpreet Singh

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