यमुनानगर के हमीदा क्षेत्र की आत्मापुरी कॉलोनी में गुरुवार को प्रशासन ने नशा तस्करी से जुड़े परिवार के मकान पर कार्रवाई करते हुए उसे जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई करने पहुंची।
मकान खाली कराने से पहले उसमें रह रहे महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला गया। इसके बाद घर का पूरा सामान भी बाहर निकलवाया। सामान बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और मौके पर गवाह भी बनाए गए।
प्रशासन के अनुसार, आत्मापुरी कॉलोनी में नियमों के विरुद्ध बने मकानों को लेकर पहले नोटिस जारी किए गए थे। हमीदा क्षेत्र में ऐसे 9 मकान चिन्हित किए गए हैं। कुछ मामलों में संबंधित लोगों ने न्यायालय से स्टे हासिल कर रखा है, जबकि जिन मामलों में स्टे नहीं है, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को दो मकानों पर कार्रवाई की गई।

प्रशासन की कार्रवाई की विरोध करते हुए रोती मकान में रह रही महिला।
महिलाओं का विरोध, पुलिस ने समझाकर बाहर निकाला
नगर निगम की टीम जब भारी पुलिस बल के साथ कॉलोनी में कार्रवाई के लिए पहुंची तो मकान में मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध किया। महिलाओं ने अधिकारियों के सामने कार्रवाई रोकने की अपील की। इस दौरान मकान में रह रही महिला मुस्तरी अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाती रही।
पुलिस ने विरोध कर रही महिलाओं को समझा-बुझाकर मकान से बाहर निकाला और इसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। महिला मुस्तरी ने अधिकारियों को बताया कि मकान उसके नाम पर है और उसने काफी मुश्किलों से इसे बनवाया था। उसका कहना था कि उसके बेटे नईम और मुस्तकीम को उसने पहले ही बेदखल कर दिया है और इसके दस्तावेज भी उसके पास हैं।

हमीदा में कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस।
कोर्ट याचिका का हवाला, नहीं दिखा सके स्टे ऑर्डर
कार्रवाई के दौरान परिवार की ओर से कोर्ट में याचिका विचाराधीन होने का हवाला भी दिया गया। बाद में उनका वकील भी मौके पर पहुंचा। अधिवक्ता ने बताया कि मामले में याचिका कोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को है। हालांकि मौके पर मकान तोड़ने से रोकने संबंधी कोई स्टे ऑर्डर प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई जारी रखी।
परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि नईम और मुस्तकीम को बेदखल किया जा चुका है और वे अब इस मकान में नहीं रहते। हालांकि प्रशासन की कार्रवाई के दौरान उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे इसी मकान में रह रहे थे। मुस्तरी का कहना था कि बच्चों की पढ़ाई के कारण उन्हें अपने पास रखा हुआ है।

कार्रवाई से पहले प्रशासन द्वारा घर में रखा सामान बाहर निकलवाया गया।
नईम और मुस्तकीम पर 8 केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, मकान में रहने वाले परिवार के कुछ सदस्य नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में आरोपी हैं। मुस्तरी के बेटे नईम और मुस्तकीम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आठ मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दोनों कई बार जेल भी जा चुके हैं। नशे के कारोबार में संलिप्तता को देखते हुए जिला पुलिस की ओर से प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मकान को तोड़ने की कार्रवाई पुलिस विभाग की ओर से नहीं, बल्कि संबंधित प्रशासनिक विभाग एवं नगर निगम की ओर से अवैध निर्माण को लेकर की जा रही है।
दस्तावेजों की जांच में निर्माण अवैध मिलने का दावा
नगर निगम की टीम के अनुसार, मकान से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई थी। जांच में निर्माण को नियमों के विपरीत पाया गया। इसके बाद मकान मालिक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया। प्रशासन का कहना है कि नोटिस के बाद भी निर्माण को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान मौके पर तैनात पुलिस।
भारी बल रहा तैना, आंसू गैस की गाड़ी रही मौजूद
कार्रवाई को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तैयारी के साथ पहुंची थी। पुलिस के पास आंसू गैस की गाड़ी भी मौजूद रही। हालांकि कार्रवाई के दौरान स्थिति पुलिस के नियंत्रण में रही। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र दहिया, नगर निगम के एटीपी दर्शन लाल तथा शहर यमुनानगर थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
16 लोगों को दिए गए हैं नोटिस
ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र दहिया ने बताया कि हमीदा कॉलोनी क्षेत्र में कुल नौ लोगों को अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से कुछ लोगों ने न्यायालय से राहत हासिल की है, जबकि जिन मामलों में अदालत से रोक नहीं है, उनमें कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक टीम ने मकान का सामान बाहर निकलवाने से लेकर तोड़फोड़ की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई, ताकि कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके।
