कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम पहली बार पंजाब के स्कूलों में पहुंची। प्रवक्ता सौरव दास व उनकी टीम ने लुधियाना के 3 स्कूलों का दौरा किया। इसमें से 2 स्कूल लुधियाना के टॉप स्कूल हैं, जिनमें उन्हें कोई खामियां नहीं मिली। जबकि, एक स्कूल के टॉयलेट ठीक हालत में नहीं मिले।
टीम को गर्ल्स टॉयलेट बिना दरवाजे के मिले। इस पूरी विजिट का एक वीडियो सौरव दास ने गुरुवार शाम को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर शेयर किया है। इसमें बताया कि उन्होंने स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट मंत्री हरजोत सिंह बैंस को दी है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए इस वीडियो पर आम आदमी पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- सौरव, हमारी कमियों की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद। हम तुरंत उनका समाधान करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने सौरव दास के वीडियो पर प्रतिक्रिया दी।
दीपके बोले- भाजपा जवाबदेही से डरती है
सौरव दास के ऑडिट पर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा- सौरव ने पंजाब के स्कूलों का दौरा किया, कमियों को उजागर किया और शिक्षा मंत्री ने उनसे मुलाकात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। आशु ने कर्नाटक में भी ऐसा ही किया। वहां के शिक्षामंत्री ने उनसे मुलाकात की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन जब हम भाजपा शासित राज्यों में स्कूलों की खराब स्थिति को उजागर करते हैं, तो वे हमारी टीम के पीछे गुंडे भेज देते हैं। भाजपा जवाबदेही से इतनी क्यों डरती है? भाजपा शिक्षा के खिलाफ क्यों है?

दीपके ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया।
सौरव दास ने 3 स्कूलों का दौरा किया
सौरव दास ने लुधियाना के सेक्टर-32 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का दौरा किया। सेक्टर-32 का स्कूल ऑफ एमिनेंस पंजाब के टॉप स्कूलों में से एक है। यह बिल्डिंग कांग्रेस के समय बनी और 2 साल पहले ही इंद्रापुरी स्कूल से बच्चों को इसमें शिफ्ट किया गया।
वहीं, सरकारी प्राइमरी स्कूल जंड्याली पंजाब का सबसे पुराना स्मार्ट स्कूल है। स्कूल के टीचर नरिंदर सिंह ने अपने प्रयासों से करीब 12 साल पहले स्मार्ट स्कूल बनाया था। इसी स्कूल को मॉडल मानकर कैप्टन सरकार ने पंजाब में स्मार्ट स्कूल का कॉन्सेप्ट शुरू किया था। नरिंदर सिंह ने यह स्कूल कॉरपोरेट सेक्टर व अन्य लोगों की मदद से स्मार्ट बनाया था।
सौरव दास व उनकी टीम ने तीसरा स्कूल सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंड्याली का दौरा किया। इस स्कूल में टॉयलेट साफ-सुथरे नहीं मिले। यहां हाइजीन की कमी थी। लड़कियों के लिए पर्याप्त टॉयलेट नहीं मिले। लड़कियों के टॉयलेट में दरवाजे नहीं थे। उन्होंने बताया कि तीनों स्कूलों में क्लीनिंग स्टाफ नहीं है।

सौरव दास और उनकी टीम ने स्कूलों में टॉयलेट देखे, जहां सफाई ठीक नहीं थी।
CJP ने तीनों स्कूलों के सोशल ऑडिट में ये बातें कहीं…
- स्कूल ऑफ एमिनेंस सेक्टर 32: सौरव दास टीम के साथ सेक्टर-32 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस पहुंचे। उन्होंने स्कूल ऑफ एमिनेंस के इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ की। स्कूल में स्विमिंग पूल के बीच में खड़े होकर उन्होंने बताया कि यहां एक शानदार स्विमिंग पूल है। स्कूल में रैंप बना है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है। स्कूल में बनी AI लैब, कंप्यूटर लैब को बेहतरीन बताया। उन्होंने कहा- यह सब देखकर मुझे लगा कि यह स्कूल अच्छा बना है। इस स्कूल से बहुत से बच्चे नीट और जेईई में निकले हैं। वॉशरूम को थोड़ा और अच्छे से मेंटेन किया जा सकता था। यह स्कूल काफी अच्छा है।
- सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंड्याली: सौरव सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंड्याली में पहुंचे। वीडियो में उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ मेन रोड स्थित इस स्कूल में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद पुराना था। यह स्कूल 1936 का बना है। तब से लेकर सरकार ने इसे मेंटेन किया है। कुछ सालों से इसमें मेंटेनेंस का वर्क हुआ है। ओवर ऑल स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत पुराना है। आशा है कि इन बच्चों को भी बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।
- आगे उन्होंने कहा कि क्लीनिंग स्टाफ यहां कम है। यहां बच्चे यूनिफॉर्म में थे। सबके पास बुक्स थीं। यहां हाइजीन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। बच्चों के लिए, खासकर लड़कियों के वॉशरूम के हालात खराब थे। कुछ-कुछ वॉशरूम में दरवाजे भी नहीं थे। गर्ल्स वॉशरूम बहुत खराब हैं। लड़कियों का स्कूल छोड़ने का मुख्य कारण होता है वॉशरूम न होना। यहां गेट लगा होना चाहिए। स्टाफ का वॉशरूम बहुत अच्छी कंडीशन में है। लड़कियों के लिए भी होना चाहिए। 500 लड़कियों के लिए तीन वॉशरूम हैं और उस पर भी दरवाजे नहीं हैं।

टीम ने स्कूल में बने लड़कियों के वॉशरूम की हालत देखी। उसमें दरवाजे नहीं लगे थे।
- सरकारी प्राइमरी स्कूल जंड्याली: तीसरे स्कूल सरकारी प्राइमरी स्कूल जंड्याली के बारे में वीडियो में सौरव ने कहा कि यहां के टीचर ने बहुत मेहनत की है। यहां टीचर ने क्रिएटिव काम किया है। वॉशरूम बेटर मेंटेन हो सकते थे। पंजाब सरकार मिड-डे मील बनाने वालों को 3000 रुपए देती है। इतने में क्या होता है। हमने यह देखा कि इन 2 स्कूलों में बच्चे अच्छे से पढ़ रहे थे, लेकिन जो इंफ्रास्ट्रक्चर है वह आज के लिहाज से अच्छा नहीं है। ये बहुत पुरानी बिल्डिंग में चल रहा है। इसे जितना भी मेंटेन कर लें, इसमें स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकती।
शिक्षामंत्री को दी तीनों स्कूलों की रिपोर्ट
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उन्होंने तीनों स्कूलों की सोशल ऑडिट रिपोर्ट शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को दी है। उन्होंने बताया कि मंत्री ने विश्वास दिलाया है कि स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा।

सौरव दास और उनकी टीम ने शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस से मुलाकात की।
शिक्षा मंत्री ने टीम का धन्यवाद किया
वहीं, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लिखा- हमारे सरकारी स्कूलों का दौरा करने और एक स्वतंत्र सोशल ऑडिट करने के लिए धन्यवाद, सौरव। हम फीडबैक का स्वागत करते हैं, प्रशंसा हमें प्रेरित करती है, और कमियां हमें सुधार करने में मदद करती हैं।
उन्होंने आगे लिखा- जैसा कि चर्चा हुई है, मैंने आपकी टीम की ओर से उजागर किए गए मुद्दों को नोट कर लिया है और मैं व्यक्तिगत रूप से उनके समाधान की निगरानी करूंगा। मेरी सरकार का मिशन स्पष्ट है- पंजाब के हर बच्चे को एक सुरक्षित, आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाला सरकारी स्कूल मिलना चाहिए। और हम इसे हकीकत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मंत्री ने लिखा- हमारे स्कूल पब्लिक ऑडिट के लिए हमेशा खुले हैं, और हम कमियों को स्वीकार करने और उन्हें ठीक करने के लिए हमेशा तैयार हैं। हम तब तक कड़ी मेहनत करते रहेंगे जब तक हमारे सभी 20,000 सरकारी स्कूल तय मानकों के अनुरूप नहीं हो जाते। फिर उन मानकों को बनाए रखने के लिए और मेहनत करेंगे। हमें जवाबदेह बनाए रखने के लिए आपका धन्यवाद।
CJP टीम के दौरे का पूरा वीडियो यहां देखें…
CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।
इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया।
CJP का सोशल मीडिया एकाउंट बनने के कुछ ही दिनों बाद इंस्टाग्राम पर उसके फॉलोअर्स करोड़ों में पहुंच गए। यह संख्या भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर फॉलोअर्स से भी ज्यादा थी।
शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था
इसके बाद CJP ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन किए। मुख्य रूप से NEET-UG परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य शहरों में बड़े छात्र प्रदर्शनों का नेतृत्व किया, जिसके दबाव में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ा। अब CJP देश के अलग-अलग राज्यों के स्कूलों में जाकर उनकी स्थिति जांच रही है।
