शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश तेज हो गई है, जिससे प्रशासन को मौसम की नई चेतावनियां जारी करनी पड़ी हैं और कई जिलों में एहतियाती कदम उठाने पड़े हैं। पहाड़ी राज्य में भारी बारिश का दौर जारी रहने के कारण, छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चंबा जिले के कुछ हिस्सों और शिमला के ठियोग उप-मंडल में स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें चुनिंदा स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने आगाह किया है कि वर्तमान मौसम की स्थिति से संवेदनशील और निचले इलाकों में भूस्खलन (landslides), अचानक बाढ़ (flash floods), चट्टानें गिरने और जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
इसके अलावा चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की अलग से चेतावनी जारी की गई है, जिसमें निवासियों से नदियों, नालों और अन्य संवेदनशील स्थानों से दूर रहने का आग्रह किया गया है। यह एडवाइजरी शाम तक लागू रहेगी और प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।
सप्ताह भर बारिश जारी रहने की संभावना
बारिश का यह दौर सोमवार के बाद भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन और शिमला में भी व्यापक बारिश होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी, हालांकि क्षेत्र को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 23 जुलाई के बाद धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है। इसके बावजूद, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और शिमला के कुछ हिस्सों में छिटपुट भारी बौछारें जारी रहने का अनुमान है।
24 जुलाई को भारी बारिश के एक और दौर की संभावना जताई गई है, जिसके दौरान चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर में काफी बारिश होने की उम्मीद है। राज्य के कुछ हिस्सों में 25 जुलाई तक बारिश की सक्रियता बनी रह सकती है।
तापमान में गिरावट से मिली अस्थायी राहत
व्यापक बारिश के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश भर में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। कई स्थानों पर तापमान मौसमी औसत से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जिसमें चंबा में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इस शहर में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 5.6 डिग्री कम है, जिससे गर्मी से अस्थायी राहत मिली है।
मौसमी बारिश अभी भी औसत से कम
हाल ही में बारिश में आई तेजी के बावजूद, राज्य में मानसून के कुल आंकड़े सामान्य से कम बने हुए हैं। 1 जून से 20 जुलाई तक, हिमाचल प्रदेश में 256.8 मिमी के सामान्य औसत के मुकाबले लगभग 210 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कुल मिलाकर 18 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।
बारिश की यह कमी विशेष रूप से लाहौल-स्पीति में अधिक देखी गई है, इसके बाद हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर का नंबर आता है, जहां मौसमी बारिश औसत से काफी नीचे बनी हुई है।
राज्य प्रशासन ने निवासियों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति में सुधार होने तक आधिकारिक मौसम अपडेट का सख्ती से पालन करने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से यात्रा करने से बचने और स्थानीय अधिकारियों का सहयोग करने की सलाह दी है।
