चंडीगढ़(बलविंदर सिंह):हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कबीर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि संत कबीर भारत के महान संत-कवि एवं समाज सुधारकों में अग्रणी थे, जिनकी शिक्षाएं आज भी मानवता को सत्य, समानता, करुणा और सार्वभौमिक बंधुत्व के मार्ग पर प्रेरित करती हैं।
उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सामाजिक भेदभाव, जातिगत विभाजन, धार्मिक असहिष्णुता और अंधविश्वास का निर्भीकता से विरोध किया तथा न्याय, सद्भाव और पारस्परिक सम्मान पर आधारित समाज की स्थापना का संदेश दिया।
प्रो. घोष ने कहा कि संत कबीर का संदेश जाति, पंथ और धर्म की सीमाओं से परे है। उनकी शिक्षाएं हमें यह स्मरण कराती हैं कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है तथा प्रत्येक व्यक्ति समान गरिमा और सम्मान का अधिकारी है। उनका जीवन हमें एक ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है जो समावेशी, संवेदनशील और भेदभाव से मुक्त हो।
राज्यपाल ने आगे कहा कि संत कबीर द्वारा तर्कसंगत चिंतन, आत्मबोध, नैतिक मूल्यों और आंतरिक पवित्रता पर दिया गया बल हमें पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर समाज के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रेरणा देता है।
प्रो. घोष ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से संत कबीर के सादगी, ईमानदारी, सहिष्णुता और सामाजिक उत्तरदायित्व के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये मूल्य राष्ट्र की सामाजिक एकता को सुदृढ़ बनाने तथा “विविधता में एकता” की समृद्ध परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
हरियाणा के लोगों पर विश्वास व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संत कबीर के आदर्शों का अनुसरण कर प्रदेशवासी एक ऐसे प्रगतिशील, सौहार्दपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हों और वह सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सके।
