रक्तदान में हरियाणा का लगातार तीसरी बार दबदबा, 1 अक्टूबर को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

चंडीगढ़(बलविंदर सिंह)”हरियाणा लगातार तीसरे वर्ष रक्तदान के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बना है। यह उपलब्धि प्रदेश की बड़े पैमाने पर जनभागीदारी के साथ-साथ मजबूत रक्त आधान बुनियादी ढांचे, डिजिटल एकीकरण, बेहतर चिकित्सकीय सुरक्षा और मरीजों को मुफ्त जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

हरियाणा में 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया और 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। सभी जिलों में लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर की सुविधा उपलब्ध होने के साथ हरियाणा अब रक्तदान के क्षेत्र में देश का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।

यह जानकारी हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यहां दी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ई-रक्तकोष पोर्टल पर दर्ज सत्यापित वार्षिक रक्तदान आंकड़ों के आधार पर प्रति दस लाख आबादी पर रक्तदान के मामले में हरियाणा सभी राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है। भारत सरकार द्वारा हरियाणा को 1 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा की यह उपलब्धि निरंतर जनभागीदारी तथा राज्य द्वारा रक्त आधान सेवाओं को मजबूत करने, चिकित्सकीय सुरक्षा में सुधार, डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने और सुरक्षित जीवनरक्षक रक्त एवं रक्त अवयवों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लगातार प्रयासों को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा ने लगातार तीसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है। इससे पहले प्रदेश को वर्ष 2024 और 2025 में भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ था।

5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र

राज्य की उपलब्धि के स्तर पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा ने 2025-26 के दौरान 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया और वित्तीय वर्ष के दौरान 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए।

चरखी दादरी जिला नागरिक अस्पताल में ब्लड सेंटर को लाइसेंस मिलने के साथ अब हरियाणा के 22 जिलों में कम से कम एक कार्यशील लाइसेंस प्राप्त सरकारी ब्लड सेंटर उपलब्ध हो गया है, जिससे जिला स्तर पर पूर्ण कवरेज हासिल हो गया है।

हरियाणा का रक्त आधान नेटवर्क भी काफी विस्तारित हुआ है और ब्लड सेंटरों की संख्या 146 से बढ़कर 163 हो गई है। वर्तमान में राज्य में 34 सरकारी और 129 निजी ब्लड सेंटर हैं, जबकि 150 ब्लड सेंटर (92 प्रतिशत) ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा से लैस हैं। इससे मरीजों के लिए विशेष रक्त अवयवों की उपलब्धता मजबूत हुई है।

स्वैच्छिक रक्तदान को मिल रही गति

डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने केंद्रित निगरानी और ब्लड सेंटरों के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान बढ़ाने में तेजी से प्रगति की है।

राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान की दर 79 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 तक 92 प्रतिशत हो गई है। यह उपलब्धि ब्लड सेंटरों के साथ सीधे ऑनलाइन समीक्षा और संचालन संबंधी समस्याओं के समन्वित समाधान के बाद हासिल हुई है।

इस प्रगति से हरियाणा 95 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक के और करीब पहुंच गया है। यह जीवनरक्षक अभियान में बढ़ती जनभागीदारी और यह सुनिश्चित करने के राज्य के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है कि स्वैच्छिक, बिना पारिश्रमिक वाले रक्तदान पर अधिक निर्भरता हो।

डिजिटल बदलाव से रक्त सेवाएं मजबूत

हरियाणा ने अपनी रक्त आधान सेवाओं को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत करने में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है।

नए ABHA-आधारित डोनर रजिस्ट्रेशन फीचर की शुरुआत के बाद दो महीने के भीतर 89 ब्लड सेंटर ABHA सिस्टम से एकीकृत हो गए हैं। यह सुविधा राष्ट्रीय ई-रक्तकोष पोर्टल पर शुरू की गई है और इससे पहले यह संख्या शून्य थी।

इसी समय 134 ब्लड सेंटर ई-रक्तकोष प्लेटफॉर्म पर लाइव जानकारी सक्रिय रूप से अपडेट कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता मजबूत हो रही है, रियल-टाइम निगरानी में सुधार हो रहा है और रक्त की उपलब्धता तथा सेवाओं के प्रदर्शन की बेहतर जानकारी मिल रही है।

बेहतर चिकित्सकीय सुरक्षा, रक्त की कम बर्बादी

हरियाणा ने महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सुरक्षा संकेतकों पर भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। कुल 1,305 हाई-रिस्क रिएक्टिव डोनर्स में से 1,255 यानी 96.17 प्रतिशत को सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया और उपयुक्त स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ा गया, जो 85 प्रतिशत के मानक से अधिक है।

रक्त की बर्बादी भी नियंत्रण में रही है और डिस्कार्ड दर 2.69 प्रतिशत दर्ज की गई, जो 4 प्रतिशत के मानक से कम है।

मरीजों के लिए मुफ्त रक्त और जीवनरक्षक सहायता

डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा जीवनरक्षक उपचार की जरूरत वाले मरीजों की पहुंच मजबूत करने के लिए रक्त से संबंधित महत्वपूर्ण सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराना जारी रखे हुए है।

सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को रक्त और रक्त अवयव मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकारी संस्थानों में पात्र BPL और डेंगू मरीजों को फ्री सिंगल डोनर प्लेटलेट्स भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

राज्य थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे विकारों से पीड़ित उन मरीजों को भी सहायता प्रदान करता है, जिन्हें बार-बार और आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है।

वर्तमान में जिला नागरिक अस्पतालों में 1,443 थैलेसीमिया मरीज और 1,018 हीमोफीलिया मरीज पंजीकृत हैं और राज्य की सहायता प्रणाली के तहत उन्हें क्रमशः मुफ्त आयरन केलेशन दवाएं और एंटी-हीमोफीलिया फैक्टर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बड़े पैमाने पर जनभागीदारी ने रक्तदान अभियान को बनाया मजबूत

डॉ. मिश्रा ने कहा कि बड़े पैमाने पर जनसक्रियता ने हरियाणा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 5 मई, 2025 को प्रदेशभर में आयोजित रक्तदान अभियान के दौरान एक ही दिन में 10,183 नागरिकों ने रक्तदान किया।

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हरियाणा ने युवाओं के नेतृत्व में आयोजित 51 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 2,374 यूनिट रक्त एकत्र किया। इस पहल के दौरान हरियाणा की पहली ब्लड बैंक के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान भी शुरू की गई, जिससे आपात स्थितियों के लिए रक्त आधान सेवाओं की तैयारियों को मजबूत किया गया।

एनसीआई झज्जर ब्लड सेंटर, जो पहला पेपरलेस ब्लड सेंटर है, को 14 जून, 2026 को गुजरात में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद (NBTC), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हरियाणा का सर्वश्रेष्ठ ब्लड सेंटर घोषित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर बेहतर प्रदर्शन तथा अत्याधुनिक और स्वचालित ब्लड सेंटर तकनीक के उपयोग के लिए दिया गया।

अगला चरण: उन्नत जांच और आगे विस्तार
आगे की दिशा बताते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा अब रक्त सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए उन्नत तकनीक के माध्यम से रक्त आधान सेवाओं को मजबूत करने के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।

पीजीआईएमएस रोहतक के ब्लड सेंटर में ID-NAT मशीन सुविधा स्थापित करने को मंजूरी दी गई है, जिससे रक्त आधान से फैलने वाले संक्रमणों की जांच और मजबूत होगी।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान, आधुनिक ब्लड सेंटर बुनियादी ढांचे, डिजिटल निगरानी, रक्त सुरक्षा और मरीज-केंद्रित सहायता पर हरियाणा का निरंतर ध्यान राज्य की रक्त आधान प्रणाली को और मजबूत करेगा तथा जरूरतमंद लोगों के लिए सुरक्षित रक्त और रक्त अवयवों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।

By Balwinder Singh

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