हरियाणा के रोहतक में भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने एक सरपंच पर शिक्षा मंत्री के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या मंत्री का सार्वजनिक अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।
ग्रोवर ने कहा कि यदि किसी को सरकार की नीतियों या किसी मंत्री से असहमति है तो उसके लिए लोकतांत्रिक तरीके मौजूद हैं, लेकिन अभद्र व्यवहार या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने संबंधित सरपंच के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि जनता ऐसे व्यवहार का उचित जवाब देगी।
उन्होंने राज्य सरकार से भी मामले का संज्ञान लेने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की। ग्रोवर का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है और संबंधित पक्षों के बयान भी लिए जा रहे हैं।
