चंबा (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार देर रात बादल फटने जैसी मूसलाधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने सरोल क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। कीचड़ और मलबे के साथ आए पानी के तेज बहाव ने आवासीय इलाकों को जलमग्न कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और लोगों को अपने घरों से भागने पर मजबूर होना पड़ा।
बाढ़ का पानी अपने साथ भारी मात्रा में गाद, पत्थर और मलबा कई घरों में ले गया, जिससे संपत्तियों को नुकसान पहुंचा और निवासियों को अपना सामान बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एक बुरी तरह प्रभावित घर में तो पूरी एक मंजिल कथित तौर पर मलबे की मोटी परतों के नीचे दब गई। इलाके में खड़े करीब दस वाहन भी कीचड़ और मलबे के नीचे फंस गए।
यह घटना उस समय हुई जब ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिसके कारण कई लोग अपनी जान बचाने के लिए अचानक बाहर की ओर भागे। बाढ़ के और बढ़ने के डर से कई परिवारों ने ऐहतियात के तौर पर रात का बाकी हिस्सा सड़कों के किनारे और खुले स्थानों में बिताया।
मौसम में सुधार होने के बाद, स्थानीय अधिकारी और आपातकालीन कर्मी नुकसान के विस्तार का आकलन करने और राहत कार्य शुरू करने के लिए प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। हालांकि किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन घरों और वाहनों को काफी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियों के और तेज होने के साथ, निवासियों ने संवेदनशील इलाकों में बेहतर जल निकासी व्यवस्था और बाढ़-रोकथाम के कड़े उपायों की अपील की है। अधिकारियों ने भी बरसाती नालों, पहाड़ी ढलानों और निचले इलाकों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि लगातार हो रही बारिश से आने वाले दिनों में और अचानक बाढ़ व भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
