अमृतसर में पुलिस ने नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े तीन नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 13 पिस्तौल, 3.267 किलो हेरोइन और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के तार विदेश में बैठे हैंडलरों से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।
अमृतसर पुलिस के अनुसार, कार्रवाई डी-डिवीजन और छेहरटा थाना क्षेत्रों में की गई। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद हथियार और हेरोइन की अतिरिक्त खेप बरामद की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन का हिस्सा थे। अब पुलिस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खेप कहां से आई और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के लोहगढ़ निवासी कृष्ण गोल्ड, कटरा दुल्लो निवासी कुणाल मेहता उर्फ कन्नू, हिंदुस्तान बस्ती निवासी रॉबिन, भूतनपुरा निवासी जसकरण सिंह उर्फ जस और तरनतारन के नौशहरा ढाला निवासी जोबनप्रीत सिंह उर्फ जोबन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जसकरण सिंह के खिलाफ पहले भी NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस की पहली कार्रवाई में कृष्ण गोल्ड और कुणाल मेहता को गिरफ्तार कर दो .30 बोर पिस्तौल बरामद की गईं। कुणाल मेहता से पूछताछ के आधार पर तीन और पिस्तौल, 14 जिंदा कारतूस और 1.227 किलो हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कथित साथी रॉबिन को सिविल लाइंस इलाके से गिरफ्तार किया।
दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने एक कार को रोककर जसकरण सिंह उर्फ जस को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान कार से 2.040 किलो हेरोइन बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। तीसरी कार्रवाई में पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर जोबनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से आठ PX-3 पिस्तौल और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, बरामद हथियारों में आठ .30 बोर PX-3 पिस्तौल, तीन .30 बोर पिस्तौल, एक 9 एमएम ग्लॉक और एक 9 एमएम पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा 22 जिंदा कारतूस और एक कार भी जब्त की गई है। तीनों कार्रवाइयों को लेकर अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों और हेरोइन की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए हो रही थी। जांच में विदेश में बैठे कथित हैंडलरों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी हो सकती है।
