चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात दौरे के दौरान मंगलवार को सूरत में आयोजित प्रवासी मिलन समारोह में हरियाणा के प्रवासी उद्यमियों और गुजरात के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में रहकर अपनी मेहनत, उद्यमशीलता और दूरदर्शिता से सफलता हासिल करने वाले हरियाणा के प्रवासियों ने न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और गुजरात के बीच संबंध केवल कारोबार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, कर्मठता और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प से भी जुड़े हैं। कुरुक्षेत्र से द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण की परंपरा हमें कर्म, कर्तव्य और लोक-कल्याण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रवासी उद्यमियों के पास हरियाणा के संस्कार और गुजरात की उद्यमशीलता का अनुभव है। इस अनुभव का लाभ उठाकर दोनों राज्यों के बीच निवेश, तकनीक, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
हरियाणा में निवेश के लिए अनुकूल माहौल और नई औद्योगिक नीतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज पारंपरिक उद्योगों के साथ आधुनिक विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, फार्मा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। गुरुग्राम देश के प्रमुख कॉरपोरेट एवं तकनीकी केंद्रों में शामिल है, जबकि मानेसर और गुरुग्राम-मानेसर-बावल क्षेत्र में ऑटोमोबाइल एवं सहायक उद्योगों का मजबूत आधार है। फरीदाबाद भी इंजीनियरिंग और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के साथ नौ क्षेत्र-विशेष नीतियां लागू की हैं। इनके माध्यम से अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने और 10 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी एवं आईटीईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीक, डेटा सेंटर, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि-व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने टेक्सटाइल उद्यमियों को नई उत्पादन इकाइयों और तकनीकी टेक्सटाइल में संभावनाएं तलाशने तथा हीरा एवं आभूषण क्षेत्र के उद्यमियों को हरियाणा में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की संभावनाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि लैब-ग्रोन डायमंड, आभूषण निर्माण, डिजाइन, फिनिशिंग और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ विकसित करने की दिशा में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मारुति सुजुकी का विनिर्माण नेटवर्क गुरुग्राम, मानेसर और खरखौदा से लेकर गुजरात के हंसलपुर तक फैला हुआ है। मई 2026 में खरखौदा की दूसरी इकाई में उत्पादन शुरू होने के बाद कंपनी की हरियाणा और गुजरात स्थित इकाइयों की संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.50 लाख वाहन हो गई है। यह दर्शाता है कि अलग-अलग राज्यों के औद्योगिक केंद्र आपूर्ति शृंखला, तकनीक और बाजार के माध्यम से एक-दूसरे को मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार ऑटो कंपोनेंट, मशीनरी, टेक्सटाइल, रसायन, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों में भी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। गुजरात में स्थापित कारोबार का हरियाणा में विस्तार, नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना, वेयरहाउस और तकनीकी सुविधाओं का विकास दोनों राज्यों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ में भागीदारी का निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2025-26 के अनुमानों के अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है और वास्तविक विकास दर 9.5 प्रतिशत अनुमानित है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक प्रगति प्रदेश में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसरों की संभावनाओं को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि मुंबई में आयोजित ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के दौरान कंपनियों ने 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। अप्रैल 2027 में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। उन्होंने गुजरात के उद्योग जगत और हरियाणा के प्रवासी उद्यमियों से समिट में सक्रिय भागीदारी करने तथा अपने सहयोगियों, निवेशकों और सप्लायर नेटवर्क को हरियाणा के निवेश अवसरों से जोड़ने का आह्वान किया।
निवेश का लाभ युवाओं और स्थानीय उद्यमों तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश का वास्तविक लाभ तभी व्यापक होगा, जब उससे स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के अवसर मिलें तथा छोटे और मध्यम उद्यमों को भी आपूर्ति शृंखला से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अपनी कंपनियों में हरियाणा के युवाओं को प्रशिक्षण और कार्य अनुभव देने के साथ स्थानीय उद्यमों को भी प्रोत्साहित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रवासी उद्यमियों के अनुभव, सुझावों और निवेश क्षमता को प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ना चाहती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा और गुजरात के बीच मजबूत औद्योगिक साझेदारी विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
निवेशकों को स्पीड, सपोर्ट और भरोसे का आश्वासन – राव नरबीर सिंह
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों की सुविधा, सरल प्रक्रियाओं और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नीतियों का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि निवेश परियोजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन में भी दिखाई दे। उन्होंने कहा कि निवेशकों की व्यावहारिक कठिनाइयों और सुझावों को गंभीरता से सुना जाएगा तथा नियमों के दायरे में समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
सरल प्रक्रियाएं, डिजिटल सुविधाएं और नियमानुसार सहयोग हरियाणा की निवेश-अनुकूल व्यवस्था की पहचान- डॉ. अमित अग्रवाल
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और उद्योग मंत्री श्री राव नरबीर सिंह के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार निवेशकों को सरल प्रक्रियाएं, डिजिटल सुविधाएं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में नियमानुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हरियाणा औद्योगिक विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। निवेशकों और उद्योग जगत के सहयोग से प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को और अधिक सशक्त बनाने तथा निवेश के नए अवसरों को साकार करने की अपार संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक श्री अनिरुद्ध यादव, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मानव मालिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
