संगरूर(गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को धूरी और संगरूर के लोगों को स्वच्छ पेयजल की एक बड़ी परियोजना की सौगात दी। उन्होंने बरड़वाल गांव में 47 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले 14 एमएलडी क्षमता वाले जल उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि इस संयंत्र में नहरी पानी को उपचारित कर पीने योग्य बनाया जाएगा। इससे लाखों निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और भूजल पर निर्भरता भी कम होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केवल चार वर्षों में पंजाब सरकार ने 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर कृषि क्षेत्रों में नहरी पानी की पहुंच 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 88 प्रतिशत कर दी है। जिन क्षेत्रों में नहरी पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है, वहां धान की उपज में प्रति एकड़ चार क्विंटल तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हमने धूरी के लोगों को 47 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले 14 एमएलडी क्षमता के जल उपचार संयंत्र के रूप में बड़ी सौगात दी है। अब नहरी पानी को उपचारित कर पूरी तरह पीने योग्य बनाया जाएगा और शहर तथा आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। हमारी सरकार ने नहरी पानी के उपयोग को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 88 प्रतिशत कर दिया है। इससे न केवल फसल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि भूजल संरक्षण में भी मदद मिली है। आज से हम लाल डोरा क्षेत्र में आने वाली जमीन के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर रहे हैं, ताकि लोगों को अपने घरों पर स्थायी स्वामित्व अधिकार मिल सकें।”
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस परियोजना का उद्देश्य धूरी शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करना है। कुल 47.38 करोड़ रुपये की लागत से नहरी पानी पर आधारित जलापूर्ति परियोजना लागू की जा रही है। इसके तहत 14 एमएलडी यानी प्रतिदिन 1.4 करोड़ लीटर क्षमता वाला जल उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस जल उपचार संयंत्र के माध्यम से नहरी पानी को उपचारित कर लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। धूरी शहर के निवासियों को इस परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा और इसके पूरा होने के बाद लगभग 85,000 लोगों को बेहतर जलापूर्ति सुविधाएं मिलेंगी।”
उन्होंने कहा, “करोड़ों रुपये की यह परियोजना न केवल धूरी के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है, बल्कि शहर की वर्तमान और भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसका मुख्य उद्देश्य धूरी के लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाली और भरोसेमंद जलापूर्ति उपलब्ध कराना है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भूजल हमारे सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, लेकिन इसका लगातार गिरता स्तर हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। राज्य सरकार ने भूजल पर निर्भरता कम करने और नहरी पानी का अधिकतम तथा विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।”
उन्होंने कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य इस अनमोल संसाधन को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है और इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब कृषि में इस्तेमाल होने वाले पानी का केवल 22 प्रतिशत हिस्सा नहरों के माध्यम से आता था, लेकिन अब यह आंकड़ा 88 प्रतिशत हो गया है। स्वच्छ पेयजल किसी भी नागरिक के लिए विलासिता नहीं, बल्कि बुनियादी आवश्यकता और अधिकार है। दूषित या प्रदूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का मूल कारण है।”
उन्होंने कहा, “इस परियोजना के लागू होने से धूरी के लोग, विशेषकर हमारी माताएं, बहनें और बच्चे, अधिक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे और जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रहेंगे। राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब का सर्वांगीण विकास है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम केवल कागजों पर घोषणाएं नहीं करते। हमारा विश्वास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर पूरा करने में है। 47.38 करोड़ रुपये की यह परियोजना इसी प्रतिबद्धता और ईमानदार मंशा का प्रमाण है। धूरी शहर से मेरा विशेष लगाव है। इस क्षेत्र के लोगों ने मुझे जो प्यार और विश्वास दिया है, वह मेरे ऊपर ऋण है। इस ऋण को मैं क्षेत्र में बड़े और परिवर्तनकारी विकास कार्य लाकर चुकाऊंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार धूरी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”
