चन्नी के बेटे का ‘गुड्डा-गुड्डी’ पोस्ट, वड़िंग के इस्तीफे के बाद बघेल पर तंज; बोले थे- ‘यह कोई खेल नहीं’

पंजाब कांग्रेस में हालिया बदलाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे रिदमजीत सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। रिदमजीत सिंह ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें चन्नी सरकार के 111 दिनों के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और योजनाओं को दिखाया गया है। वीडियो में एक गाने के जरिए चन्नी सरकार के कामकाज को सामने रखा गया है। इस पोस्ट में ‘गुड्डा-गुड्डी’ शब्द के संदर्भ ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।

रिदमजीत सिंह की यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और उनकी जगह परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। इस बदलाव के बीच कांग्रेस के भीतर वड़िंग और चन्नी खेमे के बीच मतभेदों की चर्चा भी होती रही है। हालांकि, रिदमजीत सिंह की पोस्ट में किसी कांग्रेस नेता का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया गया है।

‘गुड्डा-गुड्डी’ का संदर्भ पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी भूपेश बघेल के जुलाई में दिए गए बयान से जोड़ा जा रहा है। उस समय पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की अटकलों के बीच बघेल से प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सवाल किया गया था। उन्होंने कहा था कि संगठन में नेतृत्व से जुड़े फैसले किसी ‘गुड्डे-गुड़िया के खेल’ की तरह नहीं लिए जाते और इस संबंध में संबंधित नेताओं से चर्चा के बाद निर्णय किया जाएगा। इसके बाद यह टिप्पणी पंजाब कांग्रेस के अंदर चल रही राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गई थी।

अब रिदमजीत सिंह की पोस्ट में ‘गुड्डा-गुड्डी’ का संदर्भ आने के बाद इसे बघेल के पुराने बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पोस्ट में बघेल या किसी अन्य कांग्रेस नेता को सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया है। वीडियो का मुख्य फोकस चन्नी के मुख्यमंत्री रहते 111 दिनों के कार्यकाल और उस दौरान लिए गए फैसलों पर है।

चरणजीत सिंह चन्नी सितंबर 2021 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने थे। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कांग्रेस ने उन्हें सरकार की कमान सौंपी थी। चन्नी सरकार का कार्यकाल करीब 111 दिन रहा और इसके बाद 2022 में विधानसभा चुनाव हुए। इस दौरान उनकी सरकार की ओर से बिजली दरों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई फैसले लिए गए थे। चन्नी बाद में भी अपने इस कार्यकाल के फैसलों और उपलब्धियों को राजनीतिक रूप से सामने रखते रहे हैं।

राजा वड़िंग के इस्तीफे और परगट सिंह की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव का दौर जारी है। इसी राजनीतिक माहौल में चन्नी के बेटे की पोस्ट सामने आने से पार्टी के भीतर पुराने बयानों और मतभेदों को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। फिलहाल रिदमजीत सिंह की पोस्ट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पोस्ट में किसी नेता पर सीधे आरोप या टिप्पणी नहीं की गई है।

By Gurpreet Singh

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